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यूजीसी एक्ट के विरोध में हिंदू एकता की मुहिम तेज, पिंकी चौधरी ने यति नरसिंहानंद गिरी व डॉ. उदिता त्यागी को दिया समर्थन

BPC News National Desk
3 Min Read

यूजीसी एक्ट के खिलाफ चल रहे आंदोलन में हिंदू समाज की एकता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम सामने आया है। हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज और डॉ. उदिता त्यागी के अनशन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि यदि यूजीसी एक्ट को वापस नहीं लिया गया, तो 10 फरवरी को वे हजारों कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आमरण अनशन शुरू करेंगे।

शिवशक्ति धाम डासना में चल रहा आमरण अनशन

महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज इस समय शिवशक्ति धाम डासना में यूजीसी एक्ट के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे हैं। वहीं, डॉ. उदिता त्यागी राजनगर स्थित अपने आवास पर अनशन कर रही हैं।
आंदोलन के तेज होने के बीच पिंकी चौधरी अपने कार्यकर्ताओं के साथ डासना पहुंचे और गुरु जी का सम्मान कर समर्थन व्यक्त किया।

“यह कानून हिंदू समाज को बांटने का प्रयास”: पिंकी चौधरी

पिंकी चौधरी ने कहा—

“यह कानून हिंदुओं को जातीय आधार पर बांटने का षड्यंत्र है। हिंदू समाज को आज एकता की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन इस एक्ट के जरिए हमें आपसी संघर्ष की ओर धकेला जा रहा है। हम किसी भी कीमत पर इस कानून को लागू नहीं होने देंगे।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू रक्षा दल पूरी तरह से यति नरसिंहानंद गिरी महाराज और डॉ. उदिता त्यागी के साथ खड़ा है।

त्यागी समाज के नेताओं ने भी जताया समर्थन

इस आंदोलन को त्यागी समाज के प्रमुख नेताओं का भी समर्थन मिला।
अखिल भारतीय त्यागी ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष मनोज त्यागी,
त्यागी जागृति समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद त्यागी,
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरिओम त्यागी (राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज)
और सेवाराम त्यागी ने संयुक्त रूप से डॉ. उदिता त्यागी को समर्थन पत्र सौंपा।

सेवाराम त्यागी ने कहा—

“सम्पूर्ण त्यागी समाज इस संघर्ष में डॉ. उदिता त्यागी के साथ खड़ा है। यह एक्ट हिंदू समाज की एकता के लिए खतरा है।”

कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी

समर्थन देने वालों में अजय त्यागी, नवीन त्यागी, मुकेश त्यागी, पुनीत त्यागी, राजीव त्यागी, सुरेश त्यागी, बृजमोहन त्यागी, अरुण त्यागी, भूषण त्यागी, पीके त्यागी, प्रदीप त्यागी, अजय बाबा, सदानंद त्यागी सहित अनेक प्रमुख लोग शामिल रहे।

सभी ने यूजीसी एक्ट को हिंदू समाज के लिए विभाजनकारी बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

10 फरवरी को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन के संकेत

आंदोलनकारियों का कहना है कि यूजीसी एक्ट के कुछ प्रावधान जातीय आधार पर विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं, जिसे वे हिंदू एकता पर हमला मानते हैं।
पिंकी चौधरी की चेतावनी के बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर नई तीव्रता मिलने की संभावना है। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो 10 फरवरी को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन हो सकता है।

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