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फ़र्ज़ी कंपनियों के पंजीकरण के ख़िलाफ़ केंद्रीय माल और सेवाकर आयुक्तालय ग़ाज़ियाबाद ने करी बड़ी कार्रवाई पकड़ी गई 110 करोड़ GST राजस्व की चोरी

BPC News National Desk
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सुमन मिश्रा गाज़ियाबाद

फ़र्ज़ी कंपनियों के पंजीकरण के ख़िलाफ़ दूसरे अखिल भारतीय अभियान में केंद्रीय माल और सेवाकर आयुक्तालय ग़ाज़ियाबाद को बड़ी सफलता हाथ लगी।

 

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सुमन मिश्रा गाज़ियाबादफ़र्ज़ी कंपनियों के पंजीकरण के ख़िलाफ़ दूसरे अखिल भारतीय अभियान में केंद्रीय माल और सेवाकर आयुक्तालय ग़ाज़ियाबाद को बड़ी सफलता हाथ लगी।आयुक्त श्री संजय लवानिया की अगुवाई में आयुक्तालय की करअपवंचन शाखा ने मेसर्स ANVS ट्रेडर्स (GST No. 09BRQPA3776H1ZE पता: LGF-28, देविका टावर, चन्दर नगर, ग़ाज़ियाबाद) के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की जिसमें 110 करोड़ के अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट 620 करोड़ रूपये की फ़र्ज़ी इनवॉइस शामिल है  का खुलासा हुआ।आयुक्तालय ने अपनी जाँच में पाया कि दो वर्षों की छोटी सी अवधि के दौरान माल और सेवाओं का वास्तविक उत्पादन किए बिना इस फ़र्म ने 621 करोड़ रुपये के फ़र्ज़ी invoice जारी किए और 100 से अधिक फ़र्ज़ी फ़र्मों (इकाइयों) का निर्माण कर उसमें 110 करोड़ के अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। ये फ़र्म श्री छत्रपाल शर्मा द्वारा चलायी जा रही है जिन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती आशा देवी के नाम पर GST पंजीकरण लिया था। जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि श्री गौरव तोमर फ़र्ज़ी इनवॉइस के इस रैकेट के मास्टरमाइंड के रूप में काम कर रहे थे।इस जानकारी के आधार पर, श्री गौरव तोमर के आवासीय परिसर की जाँच की गई और इस जाँच के दौरान इनके आवास से कई फ़र्ज़ी GSTIN की जानकारी, उनसे संबंधित मोबाइल नंबर , ईमेल, एवं ई वे बिल आदि प्राप्त हुए। अब तक की जाँच से यह संकेत मिले हैं कि श्री गौरव तोमर फ़र्ज़ी फर्मों (इकाइयों) के पंजीकरण और प्रबंधन का एक रैकेट चला रहे हैं जिससे कि इन कंपनियों के माध्यम से इन्हें अवैध रूप से बिना माल या सेवाओं के उत्पादन के ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिल सके। जाँच में यह पाया गया कि कई GSTIN, एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल ID से पंजीकृत हैं।इस मामले में अभी तक श्री छत्रपाल और श्री गौरव तोमर को गिरफ़्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।फ़र्ज़ी कंपनियों के पंजीकरण के ख़िलाफ़ दूसरे अखिल भारतीय अभियान में CGST गाज़ियाबाद निरंतर कंपनियों के अस्तित्व की सच्चाई को टोटल रहा है। और महीनों के अथक परिश्रम के बाद इतनी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। CGST गाज़ियाबाद उन फ़र्ज़ी फर्मों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हेतु प्रतिबद्ध है जो व्यापार के नाम पर कर की चोरी करते हैं और देश की आर्थिक बुनियाद के लिए ख़तरा हैं।  कार्यवाहक टीम का विवरण श्री आलोक सिंह, अपर आयुक्त श्री अरुण कुमार द्विवेदी,संयुक्त आयुक्त श्रीमती निहारिका लाखा,संयुक्त आयुक्त टीम का हिस्सा रहे हैं

आयुक्त श्री संजय लवानिया की अगुवाई में आयुक्तालय की करअपवंचन शाखा ने मेसर्स ANVS ट्रेडर्स (GST No. 09BRQPA3776H1ZE पता: LGF-28, देविका टावर, चन्दर नगर, ग़ाज़ियाबाद) के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की जिसमें 110 करोड़ के अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट 620 करोड़ रूपये की फ़र्ज़ी इनवॉइस शामिल है  का खुलासा हुआ।

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आयुक्तालय ने अपनी जाँच में पाया कि दो वर्षों की छोटी सी अवधि के दौरान माल और सेवाओं का वास्तविक उत्पादन किए बिना इस फ़र्म ने 621 करोड़ रुपये के फ़र्ज़ी invoice जारी किए और 100 से अधिक फ़र्ज़ी फ़र्मों (इकाइयों) का निर्माण कर उसमें 110 करोड़ के अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया।

ये फ़र्म श्री छत्रपाल शर्मा द्वारा चलायी जा रही है जिन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती आशा देवी के नाम पर GST पंजीकरण लिया था। जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि श्री गौरव तोमर फ़र्ज़ी इनवॉइस के इस रैकेट के मास्टरमाइंड के रूप में काम कर रहे थे।

इस जानकारी के आधार पर, श्री गौरव तोमर के आवासीय परिसर की जाँच की गई और इस जाँच के दौरान इनके आवास से कई फ़र्ज़ी GSTIN की जानकारी, उनसे संबंधित मोबाइल नंबर , ईमेल, एवं ई वे बिल आदि प्राप्त हुए। अब तक की जाँच से यह संकेत मिले हैं कि श्री गौरव तोमर फ़र्ज़ी फर्मों (इकाइयों) के पंजीकरण और प्रबंधन का एक रैकेट चला रहे हैं जिससे कि इन कंपनियों के माध्यम से इन्हें अवैध रूप से बिना माल या सेवाओं के उत्पादन के ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिल सके। जाँच में यह पाया गया कि कई GSTIN, एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल ID से पंजीकृत हैं।

इस मामले में अभी तक श्री छत्रपाल और श्री गौरव तोमर को गिरफ़्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।

फ़र्ज़ी कंपनियों के पंजीकरण के ख़िलाफ़ दूसरे अखिल भारतीय अभियान में CGST गाज़ियाबाद निरंतर कंपनियों के अस्तित्व की सच्चाई को टोटल रहा है। और महीनों के अथक परिश्रम के बाद इतनी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। CGST गाज़ियाबाद उन फ़र्ज़ी फर्मों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हेतु प्रतिबद्ध है जो व्यापार के नाम पर कर की चोरी करते हैं और देश की आर्थिक बुनियाद के लिए ख़तरा हैं।  

कार्यवाहक टीम का विवरण

श्री आलोक सिंह, अपर आयुक्त
श्री अरुण कुमार द्विवेदी,संयुक्त आयुक्त
श्रीमती निहारिका लाखा,संयुक्त आयुक्त
टीम का हिस्सा रहे हैं

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