उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शासकीय आवास पर स्वर्गीय अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी से मुलाकात की। इस भावुक मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने अपनी पीड़ा, भावनाएं और मामले से जुड़ी चिंताएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
मुख्यमंत्री ने पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनी बात
मुख्यमंत्री धामी ने परिवार की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था।
रिजॉर्ट मालिक और कर्मचारियों पर लगा था हत्या का आरोप
मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता पर हत्या का आरोप लगा था। अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था, जिससे पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था।
2025 में हुई सजा, फिर भी परिवार संतुष्ट नहीं
वर्ष 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम—जैसे नए ऑडियो क्लिप्स, कॉल डिटेल्स और कुछ गवाहों की नई जानकारी—से परिवार को लगता है कि न्याय अभी अधूरा है।
परिवार ने की गहन जांच की मांग
परिवार लंबे समय से मामले की गहन जांच और सभी पहलुओं के खुलासे की मांग कर रहा है। हाल के दिनों में हुई पूछताछ और नई जानकारियों से मामले में नए मोड़ की चर्चा भी तेज हुई है।
माता-पिता ने साझा की अपनी पीड़ा
मुलाकात के दौरान वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि बेटी की हत्या के बाद से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है और वे आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने दिया न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,
“अंकिता हमारी बेटी थी। इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और हर संभव मदद करेंगे।”
सीएमओ ने भी दी जांच जारी रहने की जानकारी
सीएमओ के अनुसार, मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि एसआईटी गंभीरता से जांच कर रही है और नए तथ्यों पर भी कार्रवाई की जा रही है। सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेगी।
परिवार को मिला कुछ सुकून
मुलाकात के बाद वीरेंद्र सिंह भंडारी ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें धैर्य और विश्वास दिया है। सोनी देवी की आंखों में आंसू थे, लेकिन मुख्यमंत्री के आश्वासन से उन्हें कुछ राहत मिली।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठता रहा है सवाल
अंकिता भंडारी मामला उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। राज्य सरकार ने इससे पहले भी कई कदम उठाए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार की संवेदनशीलता की सराहना
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल दिखाती है कि सरकार पीड़ित परिवारों की आवाज सुन रही है और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है। अब सभी की नजर इस पर है कि आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।










