विजय दिवस श्रद्धांजलि कार्यक्रम 16 दिसंबर 2025 को गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को नमन किया।
इस अवसर पर 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
सैनिक कल्याण से जुड़े घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण निदेशालय तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों—डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ और हरिद्वार—को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
1971 युद्ध के बलिदान को किया याद
विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की।
उन्होंने बताया कि इस युद्ध में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के 248 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि 74 सैनिकों को वीरता पदकों से सम्मानित किया गया।
सशक्त सेना और रक्षा क्षेत्र में प्रगति
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना को आधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा उपकरणों के निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो गया है।
उन्होंने स्वदेशी हथियार प्रणालियों जैसे आकाश मिसाइल और ब्रह्मोस का भी उल्लेख किया।

शहीदों और पूर्व सैनिकों के लिए राज्य योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों की अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की है।
इसके साथ ही शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, वीरता पुरस्कारों की राशि में वृद्धि, पुत्री विवाह अनुदान, निःशुल्क बस यात्रा और स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम निर्माण की जानकारी भी दी।
अन्य वक्ताओं के विचार
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम में विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और वीरांगनाएं उपस्थित रहीं।
विजय दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम वीर सैनिकों के बलिदान को स्मरण करने और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक बना। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति और सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।










