उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को चम्पावत जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चम्पावत को आध्यात्मिक एवं इको-टूरिज्म के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य किया जाए।
बस टर्मिनल का निरीक्षण—यात्रियों की सुविधाएँ सर्वोपरि
मुख्य सचिव ने निरीक्षण की शुरुआत चम्पावत बस टर्मिनल से की।
निर्माणदायी संस्था (C&DS) के अधिशासी अभियंता गिरीश पंत ने प्रस्तावित सुविधाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए:
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बसों की आंतरिक सर्कुलेशन व्यवस्थित और सुरक्षित हो
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यात्रियों के लिए आधुनिक वेटिंग रूम
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स्वच्छ शौचालय और पेयजल सुविधा
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डिजिटल सूचना कियोस्क
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निर्माण कार्य में तेजी
उन्होंने कहा कि यात्री सुविधाएँ किसी भी टर्मिनल की प्राथमिकता होती हैं और इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
मायावती आश्रम—आध्यात्मिक पर्यटन पर विशेष ध्यान
इसके बाद मुख्य सचिव ने विश्वप्रसिद्ध मायावती आश्रम (एडवांस स्टडीज इंस्टीट्यूट, रामकृष्ण मिशन) का भ्रमण किया।
स्वामी दिव्य कृपानंद जी ने उन्हें ध्यान कक्ष, पुस्तकालय और अन्य परिसर का भ्रमण कराया।
मुख्य सचिव ने कहा:
“मायावती आश्रम वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला स्थल है। राज्य सरकार इसे विशेष पैकेज और प्रचार अभियान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगी।”
कोलीढ़ेक झील—योग, मेडिटेशन और वेलनेस हब के रूप में विकसित होगी
कोलीढ़ेक झील निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने इसके अद्भुत नैसर्गिक सौंदर्य की सराहना की।
उन्होंने निर्देश दिए:
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झील क्षेत्र को स्पिरिचुअल ज़ोन बनाया जाए
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योग, ध्यान और वेलनेस गतिविधियों के लिए अवसंरचना विकसित की जाए
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महाशीर संरक्षण के लिए वैज्ञानिक योजना तैयार हो
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मत्स्य पर्यटन की संभावनाओं पर शीघ्र कार्ययोजना बने
एबट माउंट—हेरिटेज पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य सचिव ने ऐतिहासिक एबट माउंट का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने क्षेत्र में:
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हेरिटेज वॉक
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व्यू पॉइंट्स
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कैफेटेरिया
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इको-फ्रेंडली सुविधाएँ
विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने कहा:
“एबट माउंट हिमालयी दृश्यों के कारण विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बन सकता है। इसका विकास राज्य के पर्यटन मानचित्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी
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कुमाऊँ मंडलायुक्त — दीपक रावत
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जिलाधिकारी — मनीष कुमार
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पुलिस अधीक्षक — अजय गणपति
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मुख्य विकास अधिकारी — डॉ. जी.एस. खाती
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अपर जिलाधिकारी — कृष्णनाथ गोस्वामी
सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव का निर्देश—तीन महीने में दिखे ठोस प्रगति
मुख्य सचिव ने कहा कि:
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सभी परियोजनाओं की डीपीआर शीघ्र तैयार की जाए
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अगले तीन महीनों में स्पष्ट प्रगति दिखाई दे
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चम्पावत को “आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म की राजधानी” बनाने का लक्ष्य तय किया गया है










