उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित समिति की बैठक में राज्य की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को संस्तुति प्रदान की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रस्तावों की स्वीकृति से लेकर कार्य पूर्ण होने तक स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
नंदा राजजात यात्रा को लेकर सख्त निर्देश
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से नंदा राजजात यात्रा से जुड़े कार्यों को यात्रा शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन प्रमुख विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी
बैठक में जिन योजनाओं को मंजूरी दी गई, उनमें शामिल हैं:
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लोहाघाट टाउन पंपिंग पेयजल योजना (₹8444.67 लाख)
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रामनगर (नैनीताल) मल्टीस्टोरी पार्किंग (₹3857.64 लाख)
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नंदप्रयाग-घाट-सुतोल-कनोल मोटर मार्ग सुदृढ़ीकरण (₹1289.21 लाख)
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टनकपुर मीडिया सेंटर, गेस्ट हाउस व कम्युनिटी हॉल (₹1424.52 लाख)
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पीएसी बटालियन रुद्रपुर आरटीसी एवं 188 बैडेड बैरक (₹1991.54 लाख)
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देहरादून साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (₹3034.78 लाख)
AMRUT 2.0 के तहत पेयजल और पार्क विकास
AMRUT 2.0 योजना के अंतर्गत स्थानीय निकायों में पेयजल आपूर्ति, पार्क विकास और जलाशयों के पुनरुद्धार से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। मुख्य सचिव ने पार्कों और जलाशयों के कायाकल्प को शहरी जीवन गुणवत्ता सुधार के लिए अहम बताया।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी विकास परियोजनाओं तय समय सीमा में पूरी हों।
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, श्रीधर बाबू अद्दांकी, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डेय, युगल किशोर पंत तथा अपर सचिव विनीत कुमार, निवेदिता कुकरेती, विम्मी सचदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इन निर्णयों से राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ जनसुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।










