गाजियाबाद स्थित जिला एमएमजी चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर शहर विधायक संजीव शर्मा ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कुमार घोष को पत्र लिखा है।
विधायक ने अस्पताल में शीघ्र एक अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति किए जाने का अनुरोध किया है।
सर्दियों में बढ़ जाते हैं हृदय रोग के मामले
विधायक संजीव शर्मा ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान में सर्दियों का मौसम चल रहा है। इस दौरान हृदय संबंधी बीमारियों के मामलों में स्वाभाविक रूप से वृद्धि हो जाती है।
ऐसे समय में जिला एमएमजी चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ का न होना मरीजों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

प्रतिदिन आते हैं लगभग 3000 मरीज
विधायक ने बताया कि जिला एमएमजी चिकित्सालय में प्रतिदिन औसतन करीब 3000 मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें बड़ी संख्या में हृदय रोग से पीड़ित मरीज भी शामिल होते हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टर के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
निजी अस्पतालों की ओर जाने को मजबूर मरीज
संजीव शर्मा ने कहा कि सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधा न होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
इससे इलाज का खर्च बढ़ जाता है और मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

जनहित में शीघ्र नियुक्ति की मांग
विधायक ने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए जिला एमएमजी चिकित्सालय में जल्द से जल्द एक अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति कराई जाए।
इससे गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को समय पर बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।
सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
शहर विधायक संजीव शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम हजारों मरीजों के लिए राहत भरा साबित होगा।
मरीजों और परिजनों में उम्मीद
इस मांग के बाद मरीजों और उनके परिजनों में उम्मीद जगी है कि जिला अस्पताल में जल्द ही हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती होगी।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है।










