हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून के रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका, शबद कीर्तन सुना और अरदास में सम्मिलित होकर गुरु महाराज को नमन किया।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संगत के बीच स्वयं लंगर परोसा और पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। श्री गुरु तेग बहादुर कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह और सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
“धर्म, मानवीय मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का बलिदान मानव इतिहास का अद्वितीय उदाहरण है। कश्मीरी पंडितों सहित समस्त मानवता की रक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली में अपना शीश अर्पित किया। उनका संदेश आज भी प्रेम, एकता और भाईचारे की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने कहा कि गुरु महाराज का त्याग हमें सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम की भावना से जोड़ता है। राज्य सरकार सिख समाज के कल्याण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि:
“गोविंदघाट-हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना पर कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे सिख श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होगी। साथ ही अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की सभी योजनाओं का लाभ सिख समाज को भी प्रदान किया जा रहा है।”
कार्यक्रम में गुरुद्वारा साहिब प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलवीर सिंह साहनी, सचिव राजिंदर पाल सिंह चंडोक, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सिख संगत उपस्थित रही।











