बाबा केदार की पावन नगरी केदारनाथ धाम इन दिनों 3 से 4 फीट तक जमी बर्फ की मोटी चादर से ढकी हुई है। तापमान शून्य से 16 डिग्री नीचे तक गिर चुका है और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसी विकट परिस्थितियों में उत्तराखंड पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने हुए हैं।
खुद फावड़े उठाकर साफ की कई फीट जमी बर्फ
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार, लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बीच ITBP और पुलिस के जवान न केवल धाम की सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर गश्त कर रहे हैं, बल्कि अपनी बैरक और आवासीय क्षेत्रों से खुद फावड़े उठाकर बर्फ हटाने का काम भी कर रहे हैं।
यह दोहरी जिम्मेदारी —
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सुरक्षा सुनिश्चित करना
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आपात स्थितियों के लिए रास्ते और बैरक सुचारू रखना
उनके “सेवा परमो धर्म” के आदर्श को साकार करती है।
11,755 फीट की ऊंचाई पर भी अडिग मनोबल
करीब 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में:
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ऑक्सीजन की कमी
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विषम भौगोलिक हालात
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हिमस्खलन की आशंका
के बावजूद जवानों का मनोबल अडिग बना हुआ है। बर्फ से रास्ते और बैरक प्रभावित होने पर जवानों ने स्वयं श्रमदान कर हालात को संभाला, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सेवाएं बाधित न हों।
प्रशासन ने की जवानों की सराहना
जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों के इस समर्पण की खुलकर सराहना की है। प्रशासन ने कहा कि केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत और चाक-चौबंद है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बल पूरी तरह तैयार हैं।
गणतंत्र दिवस पर भी दिखा देशभक्ति का जज्बा
हाल ही में गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन्हीं जवानों ने बर्फ से ढकी धरती पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाया था। यह दृश्य उनके देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस का प्रतीक बना।
हिमस्खलन को लेकर प्रशासन अलर्ट
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की संभावना को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है।
DGRE चंडीगढ़ की चेतावनी के अनुसार:
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रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में ऑरेंज कैटेगरी का खतरा
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बर्फ से लदे ढलानों पर विशेष सावधानी
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अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह
शीतकाल में बंद, फिर भी पूरी तरह सुरक्षित धाम
हालांकि केदारनाथ धाम शीतकाल में बंद रहता है, लेकिन ITBP और पुलिस बल की सतत मौजूदगी से यह पावन स्थल पूरी तरह सुरक्षित है। यह समर्पण दर्शाता है कि भारत के सुरक्षाकर्मी सीमा हो या आस्था का केंद्र, हर परिस्थिति में डटे रहते हैं।









