जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसजनों ने बाबू जगजीवन राम की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर देश के प्रति उनके योगदान को याद किया।
सेवाओं को कभी नहीं भुलाया जा सकता— सतीश शर्मा
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने उप प्रधानमंत्री रहते हुए रक्षा मंत्री और श्रम मंत्री जैसे अहम पदों का दायित्व सफलतापूर्वक निभाया।
विशेष रूप से 1971 का भारत-पाक युद्ध के दौरान रक्षामंत्री के रूप में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
साधारण परिवार से शिखर तक का सफर
बाबू जगजीवन राम का जन्म 5 अप्रैल 1908 को चंदवा गांव भोजपुर में एक साधारण दलित परिवार में हुआ था। अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने भारतीय राजनीति में ऊंचा स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा बने।
परिवार और विरासत
सतीश शर्मा ने बताया कि उनके पिता का नाम शोभा राम और माता का नाम बसंती देवी था। उनकी पुत्री मीरा कुमार भी देश की प्रमुख नेताओं में शामिल रहीं और लोकसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन रहीं।
कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने बाबू जगजीवन राम के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रेरणादायक रहा जीवन
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाबू जगजीवन राम के आदर्शों को अपनाने और समाज सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा की मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।







