पाकिस्तान मूल की सीमा हैदर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है हिंदू रक्षा दल की ओर से उन्हें छठे बच्चे के जन्म पर सम्मानित करने की घोषणा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने कहा है कि सीमा को ₹31,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
सीमा हैदर मूल रूप से पाकिस्तान के जैकोबाबाद की रहने वाली हैं। वह मई 2023 में अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत आई थीं। यहां आकर उन्होंने सचिन मीणा से शादी की और हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया।
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मार्च 2025 में उन्होंने पांचवीं संतान को जन्म दिया था
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अब 11 महीने बाद छठे बच्चे (बेटे) का जन्म हुआ
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डिलीवरी ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में हुई
मां और नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
हिंदू रक्षा दल की घोषणा
संगठन के अनुसार:
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सीमा के चार बच्चे पाकिस्तानी पति से हैं
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सचिन से शादी के बाद यह उनका दूसरा बच्चा है
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संगठन “जनसंख्या संतुलन” और “पारिवारिक मूल्यों” को बढ़ावा देने की नीति के तहत सहायता देगा
पिंकी चौधरी ने कहा कि यह निर्णय सामाजिक आधार पर लिया गया है और इसे राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय संदर्भ से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ा विवाद
घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर तीखी बहस शुरू हो गई है।
विरोध में उठे सवाल
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विदेशी नागरिकता का मुद्दा
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अवैध प्रवेश का मामला अभी लंबित
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राष्ट्रवाद से जुड़े तर्क
समर्थन में दिए जा रहे तर्क
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सीमा ने हिंदू धर्म अपनाया
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भारतीय नागरिक से विवाह किया
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मानवीय आधार पर सहायता
कानूनी स्थिति अभी भी जटिल
सीमा हैदर का भारत में रहना अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है।
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अवैध प्रवेश का मामला अदालत में लंबित
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निर्वासन से बचने की कानूनी लड़ाई जारी
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प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला कई संवेदनशील मुद्दों को छू रहा है:
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राष्ट्रवाद और नागरिकता
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धर्मांतरण की बहस
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जनसंख्या नीति
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सोशल मीडिया ध्रुवीकरण
निष्कर्ष
सीमा हैदर को सम्मान देने की घोषणा ने एक बार फिर इस मामले को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। जहां समर्थक इसे मानवीय पहल बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक और संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन अपना कार्यक्रम आयोजित करता है या विवाद के चलते कोई बदलाव करता है।






