गाजियाबाद। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिराज फाउंडेशन और गणेश हॉस्पिटल ने संयुक्त रूप से पिंक सेफ्टी ड्राइव के तहत एक विशेष जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन किया। यह कार्यक्रम एक हाई-टेक कंप्यूटर सेंटर में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुष्पा रावत, चेयरपर्सन, SBN ग्रुप रहीं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को समाज की मजबूती का आधार बताया।
साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तृत जानकारी
वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को साइबर अपराध, डिजिटल खतरों और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। इस दौरान महिला सब-इंस्पेक्टर गीतिका ने साइबर सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन स्टॉकिंग और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे मामलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है।
मजबूत पासवर्ड और 2FA अपनाने की सलाह
बचाव के उपाय बताते हुए गीतिका ने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, अज्ञात लिंक से बचने और सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स सख्त रखने की सलाह दी। साथ ही, संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने पर जोर दिया।
आत्मरक्षा के तहत उन्होंने गुड टच–बैड टच की पहचान और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 और 1091 की जानकारी भी साझा की।
आत्मविश्वास ही सशक्तिकरण की कुंजी: डॉ. निशा
कार्यक्रम में गणेश हॉस्पिटल की डॉ. निशा ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण केवल शिक्षा या रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, सही निर्णय लेने की क्षमता और सुरक्षा की समझ भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने छात्राओं से डर को छोड़कर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
प्रतिभागियों ने बताया उपयोगी और प्रेरणादायक
कार्यक्रम में शामिल छात्राओं और महिलाओं ने वर्कशॉप को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। आयोजकों ने जानकारी दी कि पिंक सेफ्टी ड्राइव के तहत भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में हाई-टेक कंप्यूटर सेंटर के नरेंद्र दीप, निखिल शर्मा, धर्मेंद्र और जितेंद्र का विशेष सहयोग रहा।
अंत में बिराज फाउंडेशन के संस्थापक बिराज सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।










