गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के दिल्ली गेट इलाके में दैनिक भास्कर के पत्रकार आकाश गर्ग पर जानलेवा हमला किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। इस हमले में पत्रकार को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
अचानक हुआ हमला, बचने का नहीं मिला मौका
मिली जानकारी के अनुसार, एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे और उन्होंने बिना किसी चेतावनी के हमला शुरू कर दिया। हमला इतना तेज और सुनियोजित था कि पत्रकार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद होने की बात कही जा रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
हमले के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि मामले की जानकारी देने के लिए उपासना पांडे को कई बार कॉल किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किए गए। इस कथित लापरवाही से पत्रकारों में आक्रोश बढ़ गया है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद गाजियाबाद के पत्रकारों और विभिन्न मीडिया संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठनों का कहना है कि यह हमला केवल एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
इस घटना ने गाजियाबाद में कानून-व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब यह देखना अहम होगा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और पीड़ित पत्रकार को न्याय कब मिलता है।








