लखनऊ, 08 दिसंबर 2025। उत्तर प्रदेश पुलिस ने नशीली कफ सिरप और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा किया है। लखनऊ में सोमवार को आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण और औषधि नियंत्रण विभाग की सचिव रोशन जैकब ने पूरे मॉड्यूल का खुलासा किया।
128 एफआईआर, तीन गिरफ्तार, दो आरोपी फरार
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नशीली कफ सिरप की अवैध बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत—
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अब तक 128 FIR दर्ज
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पांच मुख्य आरोपियों में से तीन गिरफ्तार
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दो अभी भी फरार, तलाश के लिए टीमें गठित
ड्रग माफिया स्टॉकिस्ट और डिस्ट्रीब्यूटर्स की आड़ में बड़े पैमाने पर कफ सिरप की कालाबाजारी कर रहे थे।
बांग्लादेश और नेपाल तक जाता था नशे का नेटवर्क — अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि नशीली कफ सिरप की बड़ी खेप सिर्फ राज्य में ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश और नेपाल भी भेजी जा रही थी।
डीजीपी ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल की गहन जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही विदेशी एजेंसियों से समन्वय किया जाएगा।
सप्लाई चेन की हर कड़ी की जांच—जीरो टॉलरेंस नीति
प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा:
“यूपी में ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि—
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सप्लाई चेन की हर कड़ी की जांच होगी
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ड्रग माफिया को कड़ी सजा दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई होगी
कोडीन की मात्रा कई गुना अधिक, युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर
औषधि नियंत्रण विभाग की सचिव रोशन जैकब ने बताया कि जब्त कफ सिरप में कोडीन की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई है।
इससे युवाओं में तेज नशा, लत और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही थीं।
उन्होंने सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को—
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स्टॉकिस्टों की लगातार जांच
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संदिग्ध दवाओं पर नजर
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सैंपल की नियमित जांच
के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव
अधिकारियों ने कहा कि ड्रग माफिया के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस और औषधि विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।
जांच में और भी बड़े नेटवर्क या संपर्क सामने आने की संभावना है।










