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योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन तीन गुना बढ़ी, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी: मंत्री नरेन्द्र कश्यप

BPC News National Desk
4 Min Read

उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विधानपरिषद में दिव्यांगजनों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि योगी सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण, पारदर्शिता और समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की सभी योजनाएं पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और दलाल-मुक्त व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही हैं।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले दिव्यांगजन पेंशन मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस प्रकार दिव्यांगजन पेंशन में तीन गुना से अधिक की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

यूडीआईडी कार्ड से लेकर पेंशन तक ऑनलाइन प्रक्रिया

मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि भारत सरकार द्वारा संचालित स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं। आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर में 31 जनवरी 2026 तक कुल 24,414 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड निर्गत किए जा चुके हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान एवं दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत जनपद सिद्धार्थनगर में 14,356 पात्र लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया है। वहीं कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 153 लाभार्थियों को तथा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत 321 पात्र दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया है। 31 दिसंबर 2025 तक कोई भी पात्र लाभार्थी लंबित नहीं है।

पेंशन की पात्रता शर्तें स्पष्ट

मंत्री कश्यप ने बताया कि दिव्यांग पेंशन के लिए उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है। दिव्यांगता न्यूनतम 40 प्रतिशत होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही लाभार्थी किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहा हो।

पात्र दिव्यांगजन को एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन की जांच जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा की जाती है और पात्र पाए जाने पर पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में धनराशि भेजी जाती है।

विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभाग में दलालों और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। यदि किसी पात्र दिव्यांगजन को पेंशन नहीं मिलती है या किसी स्तर पर अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो दिव्यांगजन स्वयं कार्यालय नहीं आ सकते, उनके घर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए।

धन की कोई कमी नहीं, हर पात्र को मिलेगा लाभ

मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में दिव्यांगजनों के लिए पेंशन, कृत्रिम अंग, कुष्ठावस्था पेंशन सहित किसी भी योजना में धन की कोई कमी नहीं है। जो भी पात्र है और आवेदन करता है, उसे शत-प्रतिशत लाभ दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजनाओं से वंचित न रहे।

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