जिले की बदहाल और गड्ढों से भरी सड़कों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। रविंद्र कुमार मांदड़ ने बुधवार को कलक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठक करते हुए साफ निर्देश दिए कि जिले की सभी चिन्हित जर्जर सड़कों की मरम्मत 30 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी की जाए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में खराब सड़क या ब्लैक स्पॉट की वजह से कोई हादसा होता है और विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विभाग को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
83 जर्जर सड़कें और ब्लैक स्पॉट चिन्हित
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पूरे गाजियाबाद जिले में कुल 83 प्रमुख जर्जर सड़कें और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें कई सड़कें लंबे समय से मरम्मत के इंतजार में हैं, जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
डीएम ने निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य के साथ-साथ:
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चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं
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स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं
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स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारी जाए
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ट्रैफिक सुरक्षा उपाय तुरंत लागू किए जाएं
हादसों के बाद बढ़ी प्रशासन की सख्ती
हाल ही में नोएडा में एक इंजीनियर की सड़क हादसे में मौत के बाद पूरे जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने समयबद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया है।
डीएम मांदड़ ने स्पष्ट कहा कि मरम्मत कार्य की साप्ताहिक मॉनिटरिंग होगी और प्रगति रिपोर्ट सीधे उनके स्तर पर समीक्षा की जाएगी। यदि कोई विभाग तय समय सीमा में काम पूरा नहीं करता, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जनता ने फैसले का किया स्वागत
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि वर्षों से गड्ढों से परेशान इलाकों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
हालांकि नागरिकों ने यह भी कहा कि यह निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए, बल्कि समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
सुरक्षित सड़क नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
प्रशासन का मानना है कि यह पहल जिले में सड़क हादसों को कम करने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या तय 30 दिनों की समयसीमा में गाजियाबाद की सड़कें वास्तव में गड्ढामुक्त हो पाती हैं या नहीं।






