डोनाल्ड ट्रंप: ब्रिटेन के पूर्व शाही सदस्य प्रिंस एंड्रयू को 19 फरवरी 2026 को उनके 66वें जन्मदिन पर थेम्स वैली पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी अमेरिकी कारोबारी जेफरी एपस्टीन से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण हुई।
किस आरोप में हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, एंड्रयू पर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग और गोपनीय सरकारी दस्तावेज साझा करने का संदेह है। आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन के व्यापार दूत रहते हुए संवेदनशील जानकारी एपस्टीन को दी, जो Official Secrets Act का उल्लंघन हो सकता है।
11 घंटे हिरासत के बाद मिली रिहाई
एंड्रयू को करीब 11 घंटे पूछताछ के बाद जांच के लिए रिहा कर दिया गया। उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें एपस्टीन के किसी गलत काम की जानकारी नहीं थी।
ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस गिरफ्तारी को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि यह ब्रिटिश रॉयल परिवार के लिए बहुत बुरी घटना है। उन्होंने किंग चार्ल्स III की तारीफ करते हुए उन्हें “फैंटास्टिक” बताया।
एपस्टीन फाइलों से बढ़ा दबाव
हाल ही में जारी एपस्टीन दस्तावेजों ने कई प्रभावशाली लोगों पर नई जांच की मांग बढ़ा दी है। अमेरिकी सांसदों ने भी इस मामले में पारदर्शिता और न्याय की मांग की है।
ब्रिटिश रॉयल परिवार पर बड़ा असर
करीब 400 वर्षों में पहली बार किसी वरिष्ठ शाही सदस्य की गिरफ्तारी हुई है। किंग चार्ल्स III ने कहा है कि “कानून अपना काम करेगा” और मामले को लेकर चिंता जताई है।
वैश्विक बहस का केंद्र बना मामला
यह विवाद अब केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर शक्तिशाली व्यक्तियों की जवाबदेही और राजनीतिक प्रभाव पर बहस को तेज कर रहा है।







