भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता की प्रतिष्ठित और भरोसेमंद आवाज़ दूरदर्शन की दिग्गज न्यूज एंकर सरला माहेश्वरी का आज 71 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन से मीडिया जगत ही नहीं, बल्कि उन लाखों दर्शकों में भी शोक की लहर है, जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में उनकी गरिमामयी प्रस्तुति के साथ समाचार देखे।
सरला माहेश्वरी को भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम युग की पहचान माना जाता है। उनकी सौम्य आवाज़, शुद्ध हिंदी उच्चारण और संयमित शैली ने समाचार वाचन को एक नई गरिमा दी।
दूरदर्शन से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर
सरला माहेश्वरी ने 1976 में दूरदर्शन के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। लगभग तीन दशकों (2005 तक) तक वे समाचार वाचन और संपादन से जुड़ी रहीं।
वे उन शुरुआती महिला एंकरों में शामिल थीं जिन्होंने लाइव न्यूज रीडिंग के माध्यम से भारतीय टीवी पत्रकारिता को नई दिशा दी।
ब्लैक-एंड-व्हाइट टीवी से लेकर कलर टेलीविजन के दौर तक, उन्होंने खबरों को विश्वसनीयता और गंभीरता प्रदान की।
ऐतिहासिक प्रसारणों में बनीं भरोसे की आवाज
सरला माहेश्वरी की आवाज़ कई ऐतिहासिक घटनाओं की साक्षी बनी, जिनमें प्रमुख हैं:
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1991: राजीव गांधी हत्याकांड का लाइव कवरेज
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1997: मदर टेरेसा का अंतिम संस्कार
इन प्रसारणों के दौरान उनकी शांत और संतुलित प्रस्तुति दर्शकों के लिए भरोसे का प्रतीक रही।
दूरदर्शन और वरिष्ठ पत्रकारों की श्रद्धांजलि
दूरदर्शन नेशनल ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा:
“दूरदर्शन परिवार की ओर से हम श्रीमती सरला माहेश्वरी को हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनकी गरिमापूर्ण और विश्वसनीय आवाज दशकों तक घर-घर में भरोसे का प्रतीक रही।”
वरिष्ठ पत्रकार और उनके पूर्व सह-एंकर शम्मी नारंग ने कहा:
“सरला माहेश्वरी की भाषा पर पकड़, शालीन व्यक्तित्व और शांत प्रस्तुति हमेशा याद रखी जाएगी। उनके निधन से दूरदर्शन युग का एक स्तंभ चला गया।”
‘टीवी पर भरोसे की पहचान’
सरला माहेश्वरी की पहचान केवल एक न्यूज एंकर तक सीमित नहीं रही।
उनकी सादगी, अनुशासन और नैतिक पत्रकारिता ने उन्हें एक सांस्कृतिक प्रतीक बना दिया।
सोशल मीडिया पर लोग उन्हें:
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“गोल्डन एरा की आवाज़”
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“टीवी पर विश्वास की पहचान”
कहकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
अंतिम संस्कार
सरला माहेश्वरी का अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा।
निष्कर्ष
सरला माहेश्वरी का निधन भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
उनकी आवाज़, गरिमा और पेशेवर ईमानदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।







