दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और घने कोहरे की दोहरी मार ने गाजियाबाद की हवा को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। शुक्रवार सुबह से ही शहर स्मॉग और कोहरे की मोटी परत में लिपटा नजर आया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में सीवियर श्रेणी में दर्ज किया गया।
मॉनिटरिंग आंकड़ों के अनुसार, इंदिरापुरम में AQI 406, लोनी में 460 और संजय नगर में 381 रिकॉर्ड किया गया, जिससे शहर की हवा गैस चैंबर जैसी हो गई है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों पर देखा जा रहा है। अस्पतालों में अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस और सांस फूलने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने लोगों को N95 मास्क पहनने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
कोहरे से यातायात प्रभावित
घने कोहरे के कारण सुबह दृश्यता बेहद कम रही। हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। दिल्ली एयरपोर्ट ने भी फॉग अलर्ट जारी किया है और कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
प्रशासन अलर्ट, GRAP-3 लागू
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने GRAP-3 के तहत सख्त उपाय लागू किए हैं। पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियों पर रोक और स्कूलों में हाइब्रिड कक्षाएं शुरू की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थायी समाधान नहीं अपनाए गए, तो हर साल यह समस्या और गंभीर होती जाएगी।










