निजी स्कूलों की बढ़ती फीस, महंगी किताबों और लंबी स्कूल टाइमिंग के विरोध में सोमवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। डीपीएस पेरेंट्स एसोसिएशन के आह्वान पर बड़ी संख्या में अभिभावक डीएम कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
अभिभावकों ने उठाए गंभीर मुद्दे
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल लगातार फीस बढ़ा रहे हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्री की कीमतें भी अधिक बताई गईं।
अभिभावकों का कहना है कि लंबी स्कूल टाइमिंग बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रही है।
डीएम कार्यालय में नारेबाजी और धरना
आक्रोशित अभिभावक डीएम कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कक्ष तक पहुंच गए और सीधे प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। स्थिति को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
प्रशासन का सख्त रुख
जिलाधिकारी रविंद्र मांदर ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
डीएम ने जिलाधिकारी कक्ष तक पहुंचकर प्रदर्शन करने और व्यवस्था भंग करने के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय के बाद प्रदर्शनकारियों में हलचल देखी गई।
मांगों पर अड़े अभिभावक
हालांकि, कई अभिभावकों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने स्कूल फीस पर नियंत्रण, किताबों की कीमतों में पारदर्शिता और स्कूल टाइमिंग को संतुलित करने की मांग रखी है।
आंदोलन और तेज होने के संकेत
अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन और अभिभावकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।







