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मॉल और मेट्रो स्टेशनों पर प्रीमियम शराब की दुकानें: नई आबकारी नीति का ड्राफ्ट तैयार

BPC News National Desk
3 Min Read

दिल्ली नई आबकारी नीति 2025-26 को लेकर दिल्ली सरकार ने मसौदा चरण तेजी से पूरा करना शुरू कर दिया है। इस नीति के तहत राजधानी के प्रमुख मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और चुनिंदा दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के परिसरों में प्रीमियम वॉक-इन शराब दुकानें खोली जाएंगी। यह बदलाव शराब खरीदारी के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।

वॉक-इन स्टोर—ग्राहकों के लिए आधुनिक और अनोखा अनुभव

नई नीति के अनुसार ग्राहक अब पारंपरिक काउंटर के बजाय स्टोर के अंदर जाकर:

  • बोतलों को देख सकेंगे

  • ब्रांड्स की तुलना कर सकेंगे

  • प्रीमियम सेगमेंट का अनुभव ले सकेंगे

यह मॉडल विदेशी और प्रीमियम ब्रांड्स को अधिक स्टॉक करने के लिए प्रेरित करेगा।

दुकानों का आकार मौजूदा 300 वर्ग फुट से बढ़ाकर 500–1000 वर्ग फुट किया जाएगा।
इनमें:

  • एसी

  • उन्नत लाइटिंग

  • सुरक्षित ब्रांड डिस्प्ले

की सुविधाएँ होंगी।

कहाँ खुलेंगी वॉक-इन शराब दुकानें?

हाई फुटफॉल वाले क्षेत्रों में स्टोर खोले जाएंगे, जैसे:

  • साकेत

  • वसंत कुंज

  • राजौरी गार्डन

  • कनॉट प्लेस

मेट्रो स्टेशनों पर ये दुकानें एंट्री/एग्जिट गेट्स के निकट होंगी (प्लेटफॉर्म पर नहीं)।

सरकारी निगम चलाएंगे दुकानें, लेकिन निजी लाइसेंस पर भी विचार

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार सभी दुकानें सरकारी निगमों द्वारा चलाई जाएँगी:

  • DSIIDC

  • DTTDC

  • DSCSC

  • DCCWS

हालांकि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मॉल और प्रीमियम लोकेशन्स में 100–150 निजी लाइसेंस वाली दुकानों की अनुमति का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, ताकि महिलाओं और अन्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

मुनाफा बढ़ाने के लिए मार्जिन में बड़ा बदलाव

नई आबकारी नीति में प्रस्ताव है कि प्रति बोतल मार्जिन:

  • IMFL पर 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये

  • विदेशी शराब पर 100 रुपये से भी अधिक

किया जाए।
उद्देश्य है कि दुकानें प्रीमियम ब्रांड्स स्टॉक करने को प्रेरित हों और बिक्री बढ़े।

सुरक्षा और लाइसेंसिंग—कड़े प्रावधान

नई नीति के तहत:

  • दुकानें आवासीय क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों से दूर होंगी

  • डिजिटलीकरण पर जोर दिया जाएगा

  • क्वालिटी टेस्टिंग और ट्रैकिंग सिस्टम लागू होंगे

  • अवैध शराब की बिक्री पर सख्त निगरानी होगी

अधिकारियों का कहना है कि यह नीति राजस्व बढ़ाने और अवैध शराब पर रोक लगाने में सहायता करेगी।

राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज

नीति सामने आते ही राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

भाजपा का आरोप:

भाजपा ने कहा कि यह “शराब को ग्लैमराइज करने की साजिश” है।

AAP का पक्ष:

AAP सरकार का दावा है कि:

  • नीति पारदर्शिता लाएगी

  • उपभोक्ताओं को सुरक्षित विकल्प देगी

  • हरियाणा और यूपी में हो रही राज्य राजस्व हानि रुकेगी

2021–22 की विवादास्पद नीति के कारण इस बार सरकार निजीकरण में सतर्क है और हाइब्रिड मॉडल पर विचार कर रही है।

कब लागू होगी नई नीति?

वर्तमान आबकारी नीति 31 मार्च 2026 तक लागू है।
नई नीति अप्रैल 2026 से लागू की जा सकती है।
अगले कुछ महीनों में लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

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