बरेली में प्रेम की एक अनोखी और चर्चित कहानी सामने आई है, जिसने धार्मिक सीमाओं को पार कर समाज में नई मिसाल कायम की है। एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से प्रेम विवाह करते हुए न केवल शादी रचाई, बल्कि हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम आशिया से बदलकर अंशिका भी रख लिया। दोनों ने शहर के एक प्रसिद्ध मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया।
मेले में हुई पहली मुलाकात, वहीं से शुरू हुई प्रेम कहानी
जानकारी के अनुसार, आशिया (अब अंशिका) और मोनू की पहली मुलाकात कुछ महीने पहले शहर में आयोजित एक मेले में हुई थी। पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे की ओर आकर्षित हो गए। इसके बाद बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया।
मोनू एक स्थानीय हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जबकि आशिया मुस्लिम समुदाय की थीं।
धार्मिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद लिया बड़ा फैसला
दोनों को अपने रिश्ते के कारण धार्मिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, आशिया ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने विधिवत धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी की और अपना नया नाम अंशिका रखा।
इसके बाद दोनों ने मंदिर में सात फेरे लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह किया।
मंदिर में वैदिक रीति से शादी, मिला आशीर्वाद
शादी के दौरान हिंदू परंपराओं और रीति-रिवाजों का पूरी तरह पालन किया गया। मंदिर परिसर में मौजूद रिश्तेदारों और कुछ करीबी लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया।
दोनों परिवारों ने अंततः इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया, जिससे यह कहानी और भी खास बन गई।
“फैसला पूरी तरह मेरा था” – अंशिका
अंशिका ने मीडिया से बातचीत में कहा कि
“मेरा फैसला पूरी तरह स्वैच्छिक था। मैंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपने दिल की आवाज सुनकर यह कदम उठाया है और अपने नए जीवन से बहुत खुश हूं।”
वहीं मोनू ने कहा,
“प्यार किसी धर्म या जाति का मोहताज नहीं होता।”
सोशल मीडिया पर वायरल हुई प्रेम कहानी
यह प्रेम कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे सच्चे प्रेम की जीत बता रहे हैं और जोड़े को बधाइयां दे रहे हैं। कई लोग इसे समाज में सद्भावना और एकता का प्रतीक मान रहे हैं।
पुलिस ने की पुष्टि, कोई कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं
बरेली पुलिस ने भी पुष्टि की है कि शादी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं आई।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रेम विवाह समाज में आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ावा दे सकते हैं, बशर्ते दोनों पक्षों की सहमति, सम्मान और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए।









