लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Nitin Agarwal ने विभागीय समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में आयोजित बैठक में उन्होंने Uttar Pradesh Excise Department के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व लक्ष्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आबकारी आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि जिन जिलों में राजस्व वसूली अपेक्षा से कम रही है, वहां के जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
63 हजार करोड़ का राजस्व लक्ष्य
बैठक के दौरान मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए आबकारी विभाग को 63,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य दिया गया है। फरवरी माह तक विभाग द्वारा 50,585 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, लेकिन कई जिलों में लक्ष्य के अनुरूप वसूली न होने से विभागीय प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को शेष समय में राजस्व लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
इन 10 जिलों के अधिकारी कार्रवाई के दायरे में
कम राजस्व वसूली के कारण निम्नलिखित जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं:
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Kanpur
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Agra
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Meerut
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Bijnor
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Lucknow
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Bulandshahr
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Hathras
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Moradabad
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Aligarh
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Bareilly
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि कम प्रदर्शन वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस नवीनीकरण में राहत
बैठक में शराब और भांग की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक सप्ताह की अतिरिक्त राहत देने का निर्णय लिया गया। इससे संबंधित व्यापारियों को प्रक्रिया पूरी करने में अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब की तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
इसके साथ ही कच्ची, मिलावटी और चोरी की शराब के खिलाफ अभियान तेज करने, अवैध कारोबार पर कड़ी निगरानी रखने और उत्पीड़न की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप काम करने के निर्देश
मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि Yogi Adityanath की मंशा के अनुरूप आबकारी विभाग को पारदर्शी, प्रभावी और राजस्व-उन्मुख बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग कई मामलों में अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है, लेकिन लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि प्रदेश के सभी जिला आबकारी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
यह कदम प्रदेश में आबकारी राजस्व को मजबूत करने और अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।









