गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम और अपराध शाखा ने एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को बड़े अस्पतालों का डॉक्टर बताकर फार्मेसियों से महंगी दवाइयां हड़प रहा था।
पुलिस ने थाना कोतवाली रेलवे स्टेशन क्षेत्र के माल गोदाम रोड से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी सिम कार्ड, चेक और लाखों रुपये की दवाइयां बरामद हुई हैं।

कैसे करते थे ठगी?
गिरोह के सदस्य फार्मेसियों को फोन कर खुद को बड़े अस्पतालों का डॉक्टर या HOD बताते थे।
वे लाखों की दवाइयों का ऑर्डर देते और डिलीवरी पर फर्जी चेक देकर फरार हो जाते थे।
बाद में जब फार्मेसी चेक बैंक में जमा करती, तो चेक बाउंस हो जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
-
मुकेश तनेजा (सरगना) – पहले भी दिल्ली रोहिणी में ठगी केस में जेल जा चुका
-
अमित खुराना
-
दीप सिंह चुग
-
मुकेश अखरिया उर्फ सुंदर
देशभर में फैला था नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह इंडिया मार्ट जैसे प्लेटफॉर्म से नंबर लेकर
भोपाल, जयपुर, सूरत, अहमदाबाद, गुड़गांव, पानीपत, मुरादाबाद, अंबाला, चंडीगढ़, नोएडा और दिल्ली NCR में ठगी करता था।
अब तक 50–60 फार्मेसियों से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है।
ठगी के प्रमुख मामले
26 नवंबर 2025:
एम.एम.जी. हॉस्पिटल के नाम से 1.50 लाख की दवाइयां ठगी गईं।
1 जनवरी 2026:
डॉ. भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल, नोएडा के नाम से 1.09 लाख की दवाइयां ठगी गईं।
इन मामलों में बीएनएस की धारा 318(4)/319(2) के तहत केस दर्ज हैं।
फरार आरोपी
फर्जी सिम और चेक सप्लायर दीपक उर्फ मिठ्ठू और
दवाइयां बेचने वाला साहिल खुराना अभी फरार हैं।
पुलिस की अलग टीमें उनकी तलाश में लगी हैं।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने सभी फार्मेसियों से अपील की है कि
फोन पर आए किसी भी ऑर्डर पर
सीधे अस्पताल से लिखित कन्फर्मेशन जरूर लें।
यह कार्रवाई मेडिकल सेक्टर में बढ़ रही साइबर और वित्तीय ठगी पर
अब तक की सबसे बड़ी सफल कार्रवाई मानी जा रही है।









