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गाजियाबाद में 410 करोड़ का फर्जी इनवॉइस रैकेट बेनकाबः अधिवक्ता विनय सिंह गिरफ्तार, 73.70 करोड़ की अवैध ITC जब्त

BPC News National Desk
3 Min Read

गाजियाबाद, 06 दिसंबर 2025। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) गाजियाबाद आयुक्तालय ने जीएसटी व्यवस्था में सेंध लगाने वाले एक बड़े फर्जी इनवॉइस रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने लगभग 410 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस जारी कर 73.70 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल किया था।

अधिवक्ता निकला मास्टरमाइंड – बनाया 40 से ज्यादा फर्जी फर्मों का नेटवर्क

इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अधिवक्ता विनय सिंह निकला, जिसने 40 से अधिक फर्जी फर्मों का जाल तैयार किया था।

आरोपी ने आम नागरिकों के KYC दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए खुद को इन फर्मों का अधिकृत प्रतिनिधि (Authorised Representative) दिखाया।

विनय सिंह ने सभी फर्मों के GST पोर्टल, ई-वे बिल पोर्टल, TDS पोर्टल और ईमेल अकाउंट्स के OTP और लॉगिन एक ही मोबाइल नंबर पर रीडायरेक्ट कर रखे थे, जिससे वह अकेले पूरे रैकेट को संचालित कर रहा था।

बिना वास्तविक सप्लाई के फर्जी ITC हासिल करने का खेल

इस नेटवर्क का मकसद केवल फर्जी इनवॉइस बनाकर लाभार्थी फर्मों को फर्जी ITC उपलब्ध कराना था।
न कोई वास्तविक सप्लाई, न कोई कारोबार — सिर्फ कागजी लेन-देन के माध्यम से सरकारी खजाने को 73.70 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया गया।

CGST एंटी-इवैजन विंग की कार्रवाई – मास्टरमाइंड गिरफ्तार

विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर CGST गाजियाबाद के एंटी-इवैजन विंग ने जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद 5 दिसंबर 2025 को मुख्य आरोपी विनय सिंह को CGST एक्ट 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

उन पर धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध लगाए गए हैं, जिसमें 5 साल तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। आरोपी को आज सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है।

पिछले महीनों में कई रैकेट उजागर – अवैध ITC पर सख्ती

CGST अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जीएसटी में बढ़ते फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रही लगातार मुहिम का हिस्सा है।
पिछले कुछ महीनों में गाजियाबाद आयुक्तालय कई बड़े GST फ्रॉड नेटवर्क्स का भंडाफोड़ कर चुका है और सैकड़ों करोड़ रुपये का अवैध ITC ब्लॉक किया गया है।

गहन जांच जारी – और नाम आने की उम्मीद

अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे की छानबीन में इस रैकेट से जुड़े कई अन्य लाभार्थी फर्मों और फर्जी संस्थाओं के नाम सामने आने की संभावना है।

व्यापारियों से अपील – फर्जी ITC से दूर रहें

जीएसटी विभाग ने सभी व्यापारियों और करदाताओं से अपील की है कि वे केवल वास्तविक लेन-देन ही दर्ज करें और फर्जी ITC के किसी भी रूप से दूर रहें। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अपराधों पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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