उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक किसान की दर्दनाक मौत ने पुलिस प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। काशीपुर के पैगा गांव निवासी सुखवंत सिंह (40 वर्ष) ने जमीन धोखाधड़ी और पुलिस की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर हल्द्वानी के एक होटल में खुद को गोली मार ली। इस घटना से पूरे जिले में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने तत्काल और सख्त कदम उठाते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है।
एसओ और एसआई निलंबित, विभागीय जांच शुरू
कोतवाली आईटीआई के थानाध्यक्ष (एसएचओ) उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही भी प्रस्तावित कर दी गई है।
निलंबन अवधि में इन दोनों को मूल नियम-53 के तहत अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन उन्हें पुलिस लाइन्स में रहना अनिवार्य होगा। साथ ही यह शर्त भी रखी गई है कि वे किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या व्यवसाय में संलिप्त नहीं होंगे।
पैगा चौकी की पूरी टीम लाइन हाजिर
इस मामले में लापरवाही और उदासीनता के आरोपों के बीच चौकी पैगा (कोतवाली आईटीआई के अंतर्गत) में तैनात सभी 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन्स, रुद्रपुर में आमद के निर्देश दिए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
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उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार
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अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह
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मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी (154 ना.पु.)
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आरक्षी भूपेंद्र सिंह (327 ना.पु.)
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आरक्षी दिनेश तिवारी (690 ना.पु.)
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आरक्षी सुरेश चंद्र (501 ना.पु.)
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आरक्षी योगेश चौधरी (392 ना.पु.)
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आरक्षी राजेंद्र गिरी (60 ना.पु.)
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आरक्षी दीपक प्रसाद (298 ना.पु.)
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आरक्षी संजय कुमार (159 ना.पु.)
एसपी क्राइम को सौंपी गई जांच
मामले की गहन प्रारंभिक जांच के लिए एसपी क्राइम एवं टीआरजी, उधम सिंह नगर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर तथ्यात्मक और स्पष्ट जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले ही उत्तराखंड सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए थे, जिसकी निगरानी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत कर रहे हैं।
26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें कथित भूमाफिया, दलाल और अन्य लोग शामिल हैं। आरोप है कि बक्सौरा कुंडा क्षेत्र में जमीन खरीद के नाम पर सुखवंत सिंह से करोड़ों रुपये लिए गए और रजिस्ट्री धोखे से किसी और प्लॉट की कर दी गई।
आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव, लगाए गंभीर आरोप
सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव आकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कई महीनों तक पुलिस के चक्कर काटने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। वीडियो में उन्होंने एसएसपी समेत कई अधिकारियों पर रिश्वत और पक्षपात के आरोप भी लगाए थे।
मुख्यमंत्री ने दिया न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जनता में आक्रोश, सिस्टम पर सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। किसान संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि पुलिस जवाबदेही, किसान सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।








