उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक सिख किसान सुखवंत सिंह (40 वर्ष) की आत्महत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और न्याय व्यवस्था की संवेदनहीनता पर गहरे सवाल खड़े करती है।
करीब 4 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद जब उन्हें कहीं न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने फेसबुक लाइव पर आकर आरोप लगाए और खुद को गोली मार ली।
धोखाधड़ी का पूरा मामला क्या है?
सुखवंत सिंह काशीपुर के पैगा गांव के निवासी थे। उन्होंने बक्सौरा कुंडा क्षेत्र में बलवंत सिंह उर्फ काला और कुलवंत सिंह से 7 एकड़ जमीन खरीदने का सौदा किया।
आरोप है कि:
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दिखाई गई जमीन कुछ और थी,
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लेकिन रजिस्ट्री किसी और प्लॉट की कर दी गई,
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प्रॉपर्टी डीलरों ने 34 लाख रुपये प्रति एकड़ के लालच में फंसाया।
भुगतान का विवरण:
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2.80 करोड़ रुपये नकद
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1.02 करोड़ रुपये बैंक ट्रांसफर
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कुल मिलाकर 3.82 करोड़ से 4 करोड़ रुपये की ठगी
ना तो जमीन मिली, न ही पैसा वापस।
इन लोगों के नाम लिए गए
सुखवंत सिंह ने अपने अंतिम फेसबुक लाइव वीडियो में जिन लोगों के नाम लिए, उनमें शामिल हैं:
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मंजीत सिंह
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दिव्या
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रविंद्र कौर
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लवप्रीत कौर
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कुलविंदर
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अन्य दलाल और प्रॉपर्टी डीलर
उन्होंने साफ कहा कि इन सभी ने मिलकर साजिश के तहत उन्हें ठगा।
पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप
सुखवंत सिंह ने:
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काशीपुर थाना
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आईटीआई चौकी
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एसएसपी कार्यालय
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और कई अधिकारियों के चक्कर काटे
लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
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पुलिस ने आरोपियों से रिश्वत ली,
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और उल्टा पीड़ित को ही परेशान किया।
फेसबुक लाइव में छलका दर्द
आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव पर कहा:
“पुलिस भ्रष्ट है… मेरे मरने के बाद मेरे शरीर के पार्ट्स बेचकर पैसे पुलिसवालों को दे देना, उनके बच्चे मौज करेंगे।”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पूरे राज्य में गुस्से और शोक की लहर दौड़ गई।
कहां और कैसे हुई आत्महत्या?
रविवार देर रात (11 जनवरी 2026) को:
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हल्द्वानी के देवभूमि होटल में
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पत्नी परदीप कौर और बेटे गुरसेज सिंह की मौजूदगी में
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सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मार ली।
जन आक्रोश के बाद त्वरित कार्रवाई
परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और राज्यभर में आक्रोश फैल गया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
अब तक की कार्रवाई:
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काशीपुर ITI थाने के SHO कुंदन रौतला निलंबित
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SI प्रकाश बिष्ट निलंबित
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10 पुलिसकर्मी रिजर्व लाइन भेजे गए
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26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए
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जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को
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IG कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल को भी जांच सौंपी गई
सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला सिर्फ आत्महत्या नहीं है, यह:
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भूमाफिया नेटवर्क,
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पुलिस भ्रष्टाचार,
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और प्रशासनिक उदासीनता की भयावह तस्वीर दिखाता है।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है।
मुख्यमंत्री के गृह जिले में घटना, सवाल और गहरे
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब:
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यह इलाका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र से जुड़ा है,
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और उत्तराखंड को शांत और सुरक्षित राज्य बताया जाता है।
ऐसे में किसान का न्याय के लिए मर जाना पूरे सिस्टम पर कलंक है।
किसानों के लिए चेतावनी और सरकार के लिए परीक्षा
सुखवंत सिंह की मौत एक कड़वा सच है:
“जब सिस्टम समय पर न्याय नहीं देता, तो इंसान टूट जाता है।”
अब सवाल है:
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क्या भूमाफिया पकड़े जाएंगे?
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क्या भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी?
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या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
एक किसान की चीख – पूरे सिस्टम के खिलाफ चार्जशीट
सुखवंत सिंह की आत्महत्या:
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किसानों के दर्द की चीख है,
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न्याय व्यवस्था के मुंह पर तमाचा है,
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और प्रशासन के लिए चेतावनी है।
अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठे, तो यह आखिरी मामला नहीं होगा।








