उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मदीना मस्जिद से जुड़ा एक विवाद अब कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन गया है। मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद इरफान द्वारा कच्ची सड़क चौकी इंचार्ज विनोद चौधरी को कथित रूप से गर्दन काटने की धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी को हिरासत में भी लिया गया है।
लाउडस्पीकर विवाद से शुरू हुआ मामला
यह विवाद दो दिन पहले उस समय शुरू हुआ, जब सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मदीना चौक स्थित मदीना मस्जिद में अजान के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर पुलिस और मुअज्जिन के बीच कहासुनी हुई। मुअज्जिन मोहम्मद इरफान ने आरोप लगाया था कि चौकी इंचार्ज ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की।
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें पुलिसकर्मियों और इरफान के बीच बहस और कथित धक्कामुक्की दिखाई दी। इसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धमकी वाला वीडियो बना टर्निंग पॉइंट
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक दूसरा वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मुअज्जिन मोहम्मद इरफान जमीयत कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान कथित रूप से चौकी इंचार्ज को जान से मारने की धमकी देते नजर आए। वीडियो सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
पुलिस का बयान
सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें एक व्यक्ति पुलिस अधिकारी को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाउडस्पीकर को लेकर पुलिस की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप थी। पहले लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है, लेकिन धमकी देना गंभीर अपराध है और इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
संवेदनशील मुद्दा बना मामला
यह पूरा प्रकरण लाउडस्पीकर नियमों, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर एक संवेदनशील बहस छेड़ रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है, जबकि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।










