गाजियाबाद पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप ने आज जिले में इतिहास रच दिया। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष आयोजन का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। यह पहली बार है जब जिले में पैरा एथलेटिक्स और पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप इतनी व्यापक स्तर पर आयोजित की गई।
110 से अधिक पैरा खिलाड़ियों ने दिखाई दमदार उपस्थिति
कार्यक्रम में 110 से अधिक पैरा खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। उनके जोश और समर्पण ने पूरे आयोजन को ऊर्जा से भर दिया।
विभिन्न इवेंट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 खिलाड़ियों का चयन आगामी उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय पैरा स्पोर्ट्स मीट (20–21 दिसंबर, बरेली) के लिए किया गया है।

सीडीओ अभिनव गोपाल बोले – पैरा खिलाड़ी सीमाएँ नहीं, क्षमताएँ परिभाषित करते हैं
मुख्य अतिथि अभिनव गोपाल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा:
“पैरा खिलाड़ी सीमाओं को नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को परिभाषित करते हैं। हर उपलब्धि समाज के लिए प्रेरणा है। प्रशासन दिव्यांग खिलाड़ियों के सपनों को पंख देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।”
उन्होंने विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति की प्रशंसा की।
गाजियाबाद पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप को मिला विभागों और संस्थाओं का सहयोग
इस महत्वपूर्ण आयोजन को
✔ जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग
✔ जिला खेल कार्यालय
✔ कई स्वयंसेवी संस्थाओं
के सहयोग से सफल बनाया गया।
अधिकारियों और कोचों ने इसे गाजियाबाद में पैरा स्पोर्ट्स के लिए मील का पत्थर बताया।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी बोले – यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, एक नई शुरुआत
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के अनुसार:
“यह चैंपियनशिप जिले में पैरा स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की शुरुआत है। नियमित रूप से ऐसे आयोजन होंगे ताकि छिपी प्रतिभाएँ सामने आएं और खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजियाबाद का नाम रोशन करें।”
खिलाड़ियों के चेहरों पर दिखी आत्मविश्वास की चमक
कार्यक्रम स्थल पर खिलाड़ियों के चेहरे आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए। उनके प्रदर्शन ने सिद्ध किया कि अवसर मिलने पर कोई भी बाधा मुश्किल नहीं रहती।
गाजियाबाद पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप ने जिले में दिव्यांग खिलाड़ियों को एक नया मंच और नई पहचान दी है।









