महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर व्रत रखने वाले लोगों के लिए कुट्टू का आटा भारी पड़ गया। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दो प्रमुख सोसाइटियों में कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने के बाद 40 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बीमारों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
दो सोसाइटियों में फैली बीमारी
घटना थाना बिसरख क्षेत्र की सुपरटेक इको विलेज 3 और हिमालय प्राइड सोसाइटी की है। बताया गया कि महाशिवरात्रि की शाम व्रत खोलने के लिए लोगों ने कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी और पकौड़ी खाई थीं।
कुछ ही घंटों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने लगे। सुपरटेक सोसाइटी में करीब 20 से 30 लोग और हिमालय प्राइड में 24 से ज्यादा लोग बीमार पड़े।
अस्पतालों में भर्ती मरीज
बीमार लोगों को तुरंत पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि की। कई मरीजों को ड्रिप और दवाइयां दी जा रही हैं। अधिकांश की हालत स्थिर बताई जा रही है।
मिलावटी आटे की आशंका
निवासियों का आरोप है कि कुट्टू का आटा स्थानीय दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदा गया था, जो संभवतः खराब गुणवत्ता या मिलावटी हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले आटे को लंबे समय तक स्टोर करने से उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आटे के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि मिलावट या संक्रमण की पुष्टि की जा सके। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि
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केवल विश्वसनीय दुकानों से ही व्रत का सामान खरीदें
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पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
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खुले आटे से बचें
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लंबे समय तक स्टोर किए आटे का उपयोग न करें
स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे जरूरी
यह घटना एक बार फिर बताती है कि धार्मिक पर्वों के दौरान भी खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, ताकि भक्ति के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे।








