मुख्तार अब्बास नकवी ने New Delhi स्थित ईरान दूतावास पहुंचकर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनई की शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उन्होंने भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali से मुलाकात की और ईरान की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कंडोलेंस बुक में दर्ज किया शोक संदेश
नकवी ने दूतावास में रखी कंडोलेंस बुक पर हस्ताक्षर कर ईरान के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।
उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने वाली है और ऐसे समय में शांति और संवाद की आवश्यकता पहले से अधिक है।
“जंग समस्या का समाधान नहीं”
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा:
“जंग समस्या का समाधान नहीं बल्कि खुद समस्या है। अमन इंसानियत की हिफाजत के लिए जरूरी है कि संकट के समुद्र से अमन का अमृत निकले। यही मेरी प्रार्थना है।”
उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने की अपील की।
क्षेत्रीय तनाव के बीच शांति की अपील
रिपोर्टों के अनुसार, Ali Khamenei की शहादत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई थी, जिसकी पुष्टि बाद में ईरानी राज्य मीडिया ने की।
इस घटना के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
नकवी ने इस दौरान ईरान और खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता और मानव मूल्यों का सम्मान करना चाहिए।
भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करने पर दिया जोर
मुख्तार अब्बास नकवी लंबे समय से भारत और ईरान के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने की वकालत करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलन, संवाद और वैश्विक शांति को प्राथमिकता देती है।
ईरान के राजदूत ने नकवी की श्रद्धांजलि और शांति की अपील का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक बताया।









