मयंक गुप्ता संवाददाता
गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल सहित 6 लोगों के खिलाफ फर्जी दानपत्र के जरिए जमीन हड़पने का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है। आरोप है कि इन लोगों ने राजस्थान के एक निवासी की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ट्रस्ट के नाम करा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Ghaziabad क्या है आरोप
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अनिल अग्रवाल और उनके सहयोगियों ने मिलकर धोखाधड़ी से उनकी जमीन को ट्रस्ट के नाम कर लिया। इसके लिए फर्जी दानपत्र तैयार किया गया, जिसमें शिकायतकर्ता की सहमति का कोई आधार नहीं था। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद अदालत ने सिहानी गेट थाने को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।
Ghaziabad जांच के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दानपत्र से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितताएं पाई गई हैं। अनिल अग्रवाल और अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हो सकता है
यह मामला गाजियाबाद में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक पूर्व सांसद का नाम शामिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले जमीन से जुड़े विवादों और धोखाधड़ी की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
अब देखना है कि गाजियाबाद पुलिस माननीय उच्च सदन के पूर्व सांसद पर क्या करवाई करती है।
जहां गाजियाबाद पुलिस किसी भी छोटे मामले में आम आदमी को जेल भेजने में ज़रा भी देरी नहीं करती है तो क्या गाजियाबाद पुलिस अब पूर्व सांसद के खिलाफ़ कोई सख्त कार्रवाई कब तक करती है और क्या इतने गंभीर मामले के बाद कब तक सांसद अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी हो पाएगी या मामला फ़ाइलों में दर्ज़ हो कर ठंडे बस्ते में बंद हो जाएगा।










