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Ghaziabad 15 साल पुराने कब्जे को महापौर सुनीता दयाल ने हटाया

BPC News National Desk
5 Min Read
Sunita Dayal Mayor Ghaziabad

लगभग 15 वर्षों से कब्जे में रहे अर्थला के लिवलिहुड सेंटर को महापौर सुनीता दयाल ने एक दिन में कराया मुक्त

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम (सूडा विभाग) द्वारा वर्ष 2008 में अर्थला (न्यू हिंडन विहार) में लगभग 3000 वर्ग मीटर भूमि पर शुरू किया गया लिवलिहुड सेंटर (सामुदायिक भवन/कम्युनिटी सेंटर) वर्ष 2012-13 में पूर्ण होने के बाद से ही दबंगों व भूमाफियाओं के कब्जे में था।

Ghaziabad 15 साल पुराने कब्जे को महापौर सुनीता दयाल ने हटाया
Ghaziabad 15 साल पुराने कब्जे को महापौर सुनीता दयाल ने हटाया

करीब 15 साल से यह बहुमूल्य सरकारी संपत्ति जनता के किसी काम नहीं आ रही थी। विभाग द्वारा बार-बार पुलिस को पत्र लिखने और प्रयास करने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया जा सका था। लेकिन जैसे ही मामला महापौर सुनीता दयाल के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मात्र एक दिन में इस भवन को कब्जामुक्त करा दिया।

बुधवार को गीता नामक एक महिला महापौर से मिलीं और शिकायत की कि यह सामुदायिक भवन स्थानीय लोगों को संचालन के लिए दिया गया था, लेकिन दबंग लोगों ने इसे पूरी तरह कब्जे में ले रखा है। जिसके कारण क्षेत्र की जनता इसका कोई लाभ नहीं उठा पा रही। महापौर ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए सूडा विभाग की परियोजना प्रबंधक अर्चना से फोन पर बात की।

अर्चना ने बताया कि यह भवन उनके कार्यकाल से बहुत पहले से कब्जे में है और इसके लिए पुलिस को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

महापौर ने पूछा कि इतनी मूल्यवान सरकारी संपत्ति को 15 वर्षों तक यूँ ही छोड़ दिया गया, इसे नगर निगम को हस्तांतरित करने की कभी क्यों नहीं सोची गई? इसके बाद महापौर ने तुरंत निर्देश दिए कि अगले दिन दोपहर 2 बजे वह स्वयं अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच रही हैं और भवन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।

महापौर के निर्देश पर गुरुवार दोपहर ठीक 2 बजे नगर निगम की संपत्ति एवं निर्माण शाखा के अधिकारी, ईटीएफ (एंटी इनक्रोचमेंट टास्क फोर्स) टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। डीसीपी ट्रांस हिंडन को व्यक्तिगत रूप से फोन करके पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, जिसके तुरंत बाद पुलिस भी पहुंच गई।

तीनों विभागों – सूडा, नगर निगम और पुलिस – के संयुक्त प्रयास से भवन को सफलतापूर्वक कब्जामुक्त करा लिया गया।

Ghaziabad 15 साल पुराने कब्जे को महापौर सुनीता दयाल ने हटाया
Ghaziabad 15 साल पुराने कब्जे को महापौर सुनीता दयाल ने हटाया

इस दौरान पता चला कि उसी भवन में एक बेटी की बारात आने वाली थी। बारात पक्ष के लोगों ने महापौर से विनय की कि उनकी बेटी की शादी होने तक ताला न लगाया जाए। मानवीय संवेदना को देखते हुए महापौर ने उन्हें शादी पूरी होने तक पूरा समय दिया।

शादी संपन्न होने के बाद शुक्रवार को भवन में सूडा विभाग का ताला लगा दिया गया और इसे पूरी तरह कब्जामुक्त घोषित कर दिया गया। साथ ही कब्जा करने वाले माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

विभागीय अधिकारियों ने महापौर सुनीता दयाल का हार्दिक धन्यवाद देते हुए कहा कि “जो काम 15 साल में नहीं हो सका, वह आपके नेतृत्व में एक दिन में हो गया।”

महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि पिछली सरकारों में शहर में अनेक योजनाएं धरातल पर तो उतारी गईं, लेकिन उनका रखरखाव और उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण माफिया इन पर कब्जा कर लेते थे और जनता के करोड़ों रुपए का नुकसान होता था। इसी तरह पूर्व में नंदग्राम स्थित सामुदायिक भवन को भी कब्जामुक्त कराकर नगर निगम के हवाले किया जा चुका है।

महापौर ने सभी विभागों से अपील की है कि अपनी-अपनी योजनाओं और संपत्तियों पर नजर रखें। जो भवन या परिसंपत्तियां उपयोग में नहीं हैं, उनकी देखभाल शुरू करें और जिन्हें हस्तांतरित करना है, उन्हें ठीक कराकर तुरंत हस्तांतरित कर दें ताकि भविष्य में इस तरह का कब्जा न हो सके।

यह कार्रवाई जनता के बीच महापौर की त्वरित और निर्णायक कार्यशैली की एक और मिसाल बन गई है। क्षेत्रवासियों ने इसका भरपूर स्वागत किया है और अब उम्मीद है कि जल्द ही यह सामुदायिक भवन जनता के वास्तविक उपयोग में आ सकेगा।

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