गाजियाबाद नगर निगम ने शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं देने के लिए अपने विभागीय वाहनों की GPS मॉनिटरिंग को और मजबूत कर दिया है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) का दौरा कर ऑनलाइन चल रहे ट्रैकिंग सिस्टम का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों को लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मॉनिटरिंग सिस्टम का दायरा
नगर निगम ने अब स्वास्थ्य विभाग के अलावा कई अन्य विभागों के वाहनों को भी व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम (VTMS) से जोड़ दिया है।
वर्तमान मॉनिटरिंग आंकड़े
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कुल लगभग 780 वाहन GPS निगरानी में
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611 डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहन
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उद्यान विभाग के 40 वाहन
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जलकल विभाग के 18 वाहन
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वॉटर स्प्रिंकलर, जेसीबी और अन्य मशीनें
कैसे काम करता है सिस्टम
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सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक 25 ऑपरेटर निगरानी करते हैं
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रूट से भटकने पर ड्राइवर को तुरंत कॉल किया जाता है
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हर दिन मॉनिटरिंग रिपोर्ट तैयार होती है
इससे सफाई, पानी छिड़काव, उद्यान रखरखाव और अन्य जनसेवाएं समय पर पूरी हो रही हैं।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा:
“डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और अन्य विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग को पिछले दो वर्षों में काफी मजबूत किया गया है। GPS सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ी है और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई संभव हो रही है।”
पिछले दो वर्षों की बड़ी उपलब्धियां
नगर निगम के अनुसार:
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कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार
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वाहनों की जवाबदेही बढ़ी
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नागरिक सेवाएं समयबद्ध हुईं
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पारदर्शिता और निगरानी मजबूत हुई
यह पहल स्वच्छ सर्वेक्षण और “गार्बेज फ्री सिटी” अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शहरवासियों को क्या मिलेगा फायदा
✔ प्रमुख लाभ
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समय पर कूड़ा उठान
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बेहतर सड़क सफाई
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नियमित पानी छिड़काव
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उद्यान रखरखाव में सुधार
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शहर को स्मार्ट और स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
निष्कर्ष
नगर निगम की यह GPS मॉनिटरिंग पहल शहर में नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सिस्टम को और उन्नत कर नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।







