Ghaziabad में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। सोमवार देर रात Sahibabad Site-4 Industrial Area में पुलिस चौकी के पीछे बने गहरे खुले नाले में एक युवक गिर गया।
हादसा रात करीब 12:04 बजे हुआ, जब पैदल जा रहा युवक अचानक नाले में फिसलकर गिर गया और कीचड़ व पानी में फंस गया। सूचना मिलते ही Uttar Pradesh Fire and Emergency Services की टीम फायर स्टेशन वैशाली से डिजास्टर वैन और रेस्क्यू यूनिट के साथ तुरंत मौके पर पहुंची।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से बची जान
रेस्क्यू टीम ने बिना देर किए ऑपरेशन शुरू किया। नाले में पानी और कीचड़ होने के कारण युवक को बाहर निकालना काफी मुश्किल था।
फायरकर्मियों ने रस्सी, लैडर और विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाए गए युवक की पहचान परम पटेल के रूप में हुई है। रेस्क्यू के बाद उसे प्राथमिक उपचार दिया गया और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
खुले नाले बनते जा रहे हैं मौत का जाल
यह घटना शहर में लगातार हो रहे ऐसे हादसों की एक और कड़ी है। गाजियाबाद में सड़कों के किनारे बने 10 से 15 फीट गहरे नाले कई जगहों पर बिना ढक्कन और बैरिकेडिंग के खुले पड़े हैं।
पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई गंभीर हादसे सामने आए हैं:
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पटेल नगर में एक व्यापारी की स्कूटी समेत नाले में गिरने से मौत
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Indirapuram के गौर ग्रीन सिटी मार्केट के पास स्कूटी सवार युवक का हादसा
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कई इलाकों में बच्चे और राहगीर नालों में गिरकर घायल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण ये नाले शहर में खतरे का कारण बनते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
एक स्थानीय निवासी के अनुसार:
“रात के समय यहां से गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है। नाले खुले पड़े हैं और कोई भी कभी भी हादसे का शिकार हो सकता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के बाद भी नालों की सफाई और कवरिंग का काम सही तरीके से नहीं हुआ, जिससे हादसों की संख्या बढ़ रही है।
प्रशासन की जिम्मेदारी पर उठ रहे सवाल
हालांकि इस मामले में फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई, लेकिन नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि:
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मामले की जांच की जाएगी
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जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है
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खुले नालों को प्राथमिकता के आधार पर कवर किया जाएगा
लेकिन शहर में बार-बार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासन की सुस्ती को उजागर कर रहे हैं।
नागरिकों की मांग: जल्द हो स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन नालों को कवर नहीं किया गया तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि साहिबाबाद साइट-4 और शहर के अन्य क्षेत्रों में खुले नालों को तुरंत ढका जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।









