गाजियाबाद निलंबित इंस्पेक्टर लापता होने की घटना ने अलीगढ़ पुलिस विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इंस्पेक्टर अनुज कुमार का कोई सुराग नहीं मिला है। इसी बीच पुलिस विभाग ने उनकी तलाश में मदद करने वाले के लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।
गैरहाजिरी की शिकायत के बाद हुई थी जांच और निलंबन
अनुज कुमार मूल रूप से कविनगर, अवंतिका कॉलोनी (गाजियाबाद) के निवासी हैं और अलीगढ़ पुलिस लाइन में तैनात थे।
वे अपने परिवार के साथ धनीपुर मंडी, प्रभात नगर कॉलोनी में किराए पर रहते थे।
उनके खिलाफ:
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लगातार गैरहाजिर रहने
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और काम में लापरवाही
की शिकायतें मिली थीं।
एसएसपी के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसकी पुष्टि होने पर उन पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान इंस्पेक्टर ने एसएसपी को अपना पक्ष भी नहीं बताया और न ही फोन पर संतोषजनक जवाब दिया।
17 सितंबर से लापता, मां ने पुलिस और मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
कुछ दिन बाद इंस्पेक्टर की मां सुशीला ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा 17 सितंबर से गायब है।
उन्होंने यह मामला:
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पुलिस अधिकारियों
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शासन
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और हाईकोर्ट
तक पहुंचाया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से भी फरियाद की कि उनके बेटे की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।
इंस्पेक्टर के लापता होने से पुलिस विभाग में हड़कंप
इंस्पेक्टर के अचानक गायब हो जाने के बाद से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
दो माह से ज़्यादा समय बीतने के बावजूद:
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कोई कॉल रिकॉर्ड
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कोई लोकेशन अपडेट
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कोई CCTV क्लू
कुछ भी सामने नहीं आया है।
अब पुलिस ने उनकी तलाश में 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है ताकि कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सके।
निष्कर्ष
गाजियाबाद निलंबित इंस्पेक्टर लापता मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। पुलिस विभाग लगातार उनकी तलाश में जुटा है और इनाम घोषित होने के बाद उम्मीद है कि कोई महत्वपूर्ण सुराग जल्द मिलेगा।










