देहरादून, 28 नवंबर। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित दो पुस्तकों का भव्य विमोचन आज राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा किया गया। युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा संकलित इन पुस्तकों के शीर्षक हैं — ‘पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा’ (हिंदी) और ‘Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas’ (अंग्रेज़ी), जिनका प्रकाशन प्रभात प्रकाशन एवं रूपा पब्लिकेशन्स ने संयुक्त रूप से किया है।
विमोचन समारोह में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह पुस्तक मुख्यमंत्री धामी के संघर्षपूर्ण जीवन, पारिवारिक संस्कारों और अनुशासित नेतृत्व की जीवंत कथा है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री धामी का व्यक्तित्व पहाड़ की कठोरता, सैनिक अनुशासन और मां की सादगी से गढ़ा हुआ है। उनका नेतृत्व उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि सिलक्यारा सुरंग हादसा, जोशीमठ आपदा और धराली-थराली जैसी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री का संवेदनशील और त्वरित नेतृत्व सराहनीय रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतना बड़ा उत्तरदायित्व निभाऊंगा, लेकिन हिमालय की जीवंत ऊष्मा ने हमेशा समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी।”

उन्होंने मां के संघर्ष और सैन्य अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री के सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्हें युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बताया।
लेखिका संभावना पंत ने कहा कि यह पुस्तक एक साधारण पहाड़ी बालक के असाधारण मुख्यमंत्री बनने की प्रेरक यात्रा को दर्शाती है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, विधायक सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, पद्मश्री बसंती बिष्ट सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।










