पौड़ी गुलदार हमला मामला एक बार फिर भयावह रूप लेकर सामने आया है। खिर्सू ब्लॉक के गजल्ड गांव में गुरुवार सुबह एक गुलदार ने 48 वर्षीय ग्रामीण सूरज सिंह नेगी पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हमले के बाद गुलदार शव को करीब 200 मीटर तक घसीटकर ले गया।
सुबह खेत जाते समय हुआ हमला — ग्रामीणों ने शोर मचाकर भगाया
घटना सुबह करीब 7 बजे की है। सूरज सिंह अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी झाड़ियों से निकलकर गुलदार ने उन पर जोरदार हमला कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े, शोर मचाया और किसी तरह गुलदार को भगाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग टीम को कमरे में बंद किया
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गाँव पहुँची, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बाद भी विभाग गुलदार को पकड़ने में नाकाम रहा है।
गुस्साए ग्रामीणों ने:
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वन कर्मचारियों को एक कमरे में बंद किया
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दरवाजे पर ताला तक लगा दिया
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जमकर नारेबाजी की
यह पिछले एक महीने में तीसरी मानव भक्षी घटना है।
जिलाधिकारी व विधायक मौके पर पहुँचे, ग्रामीणों ने घेरकर सुनाई नाराज़गी
स्थिति गंभीर देख पौड़ी की जिलाधिकारी डॉ. आशिष चौहान मौके पर पहुँचीं।
इसके कुछ ही देर बाद खिर्सू के विधायक राजकुमार पोरी भी गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने:
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जिलाधिकारी को घेर लिया
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गुलदार को तुरंत मारने की मांग की
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वन विभाग की लापरवाही के खिलाफ जोरदार विरोध किया
जिलाधिकारी का आदेश—गुलदार को पकड़ो या मारो, वन विभाग ने पिंजरे लगाए
जिलाधिकारी ने लोगों को समझाकर शांत किया और गुलदार को तुरंत पकड़ने या मारने के निर्देश दिए।
इसके बाद वन विभाग ने:
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दो पिंजरे लगाए
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शूट-ऑन-साइट की तैयारी शुरू की
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क्षेत्र में अतिरिक्त टीम भेजी
DFO गढ़वाल ने कहा कि मानव भक्षक घोषित गुलदार को जल्द नियंत्रित किया जाएगा।
ग्रामीणों की चेतावनी—48 घंटे में कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन
ग्रामीणों का कहना है कि:
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बच्चे स्कूल नहीं जा रहे
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महिलाएं खेत-खलिहानों में जाने से डर रही हैं
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पूरा इलाका दहशत में है
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे में गुलदार को नहीं मारा गया, तो बड़ा आंदोलन होगा।
एक महीने में 5 जानें जा चुकीं — प्रशासन पर सवाल
पौड़ी जिले में पिछले एक महीने में गुलदार के हमले से 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों का प्रशासन और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप और तीखा हो गया है।










