ऑपरेशन कालनेमि के तहत गंगा घाटों से आस्था के नाम पर ठगी करने वाले बाबा गिरफ्तार
हरिद्वार पुलिस ने श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाले फर्जी साधु-संतों के खिलाफ “ऑपरेशन कालनेमि” को और तेज कर दिया है। पिछले 15 दिनों में हर की पैड़ी से लेकर ब्रह्मकुंड तक गंगा घाटों पर सक्रिय 24 फर्जी बाबाओं को हिरासत में लिया गया है, जो तंत्र-मंत्र और काले जादू के नाम पर लोगों से हजारों रुपये ऐंठ रहे थे।
डर और अंधविश्वास से करते थे ठगी
ये तथाकथित बाबा श्रद्धालुओं को रोककर “भूत-प्रेत उतारना”, “पितृ दोष निवारण” और “काला जादू हटाने” जैसे झांसे देकर पूजा कराने का दबाव बनाते थे। महिलाओं और बुजुर्गों को डराकर ₹1100 से लेकर ₹51,000 तक वसूली जाती थी।

पुलिस की रणनीति और कार्रवाई का तरीका
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सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती
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संदिग्ध बाबाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग
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मौके पर ही पीड़ितों से शिकायत दर्ज
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तत्काल गिरफ्तारी व पूछताछ
SSP प्रमेंद्र डोबाल ने कहा:
“हरिद्वार धर्म की नगरी है। यहां आस्था के नाम पर लूट बर्दाश्त नहीं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत जीरो टॉलरेंस नीति लागू है।”
अब तक की प्रमुख गिरफ्तारियां
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हर की पैड़ी पर फर्जी महामंडलेश्वर बनकर ठगी करने वाला बिहार का राजकुमार
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मनसा देवी मंदिर के पास पितृ दोष के नाम पर ₹41,000 लेने वाला लखनऊ का संजय
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ऋषिकुल घाट पर महिलाओं को डराने वाला गाजियाबाद निवासी आरोपी
इनके पास से नकली रुद्राक्ष मालाएं, ताबीज, जड़ी-बूटियां और बड़ी मात्रा में नकद बरामद किया गया है।

श्रद्धालुओं ने ली राहत की सांस
राजस्थान से आई श्रद्धालु सुशीला देवी ने कहा,
“पहले घाट पर पहुंचते ही बाबा घेर लेते थे, अब पुलिस की गश्त से हम निश्चिंत हैं।”
पुलिस ने लगाए चेतावनी बोर्ड
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किसी अंजान व्यक्ति से पूजा न कराएं
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जबरन पूजा के लिए दबाव को तुरंत पुलिस को बताएं
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अपनी श्रद्धा स्वतंत्र रूप से निभाएं
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कुम्भ-2025 से पहले हरिद्वार को फर्जी बाबाओं से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।










