मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही सोना और चांदी के वायदा भाव में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बीते दो सत्रों में तेज उछाल के बाद अचानक आए इस क्रैश से निवेशकों में हड़कंप मच गया।
चांदी को सबसे बड़ा झटका, 10% तक टूटी
MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव पिछले सत्र के ₹2,68,850 प्रति किलो से गिरकर ₹2,42,000–₹2,44,654 के स्तर पर पहुंच गया।
इस तरह चांदी में ₹24,000 से ₹26,850 प्रति किलो तक की गिरावट, यानी लगभग 10% का नुकसान दर्ज किया गया।
सोना भी 4,500 रुपये से ज्यादा सस्ता
सोने के अप्रैल वायदा भाव में भी तेज गिरावट देखने को मिली।
MCX पर सोना ₹2,300 से ₹4,591 तक टूटकर ₹1,50,736–₹1,53,046 प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ गया और कई कॉन्ट्रैक्ट्स ₹1.50 लाख के नीचे फिसल गए।
अंतरराष्ट्रीय संकेतों से बढ़ा दबाव
विश्लेषकों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण रहे—
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अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना
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फेडरल रिजर्व के हॉकिश संकेत
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अमेरिका-ईरान वार्ता से भू-राजनीतिक तनाव में कमी
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सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग में गिरावट
इन फैक्टर्स के चलते सोना-चांदी में मुनाफावसूली तेज हो गई।
MCX ने बढ़ाया मार्जिन, बिकवाली और तेज
बाजार पर दबाव उस समय और बढ़ गया जब MCX ने—
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सोने पर 1% अतिरिक्त मार्जिन
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चांदी पर 4.5% अतिरिक्त मार्जिन
लगाने की घोषणा की। इससे ट्रेडर्स की पोजिशन पर दबाव बढ़ा और मजबूरन बिकवाली देखने को मिली।
ETFs में भी भारी नुकसान
इस गिरावट का असर ETFs पर भी साफ दिखा—
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सिल्वर ETFs में 15–21% तक की गिरावट
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गोल्ड ETFs में 5–7% का नुकसान
हालांकि मिडिल क्लास खरीदारों के लिए कीमतों में नरमी कुछ राहत लेकर आई है।
क्या यह खरीदारी का मौका है?
विशेषज्ञ इसे स्वस्थ सुधार (Healthy Correction) मान रहे हैं।
एनालिस्ट्स के अनुसार—
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सोने के लिए ₹1,45,000–₹1,48,000
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चांदी के लिए ₹2,35,000–₹2,50,000
महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल हैं। यदि ये स्तर टिके रहते हैं तो आने वाले दिनों में रिकवरी संभव है, अन्यथा और गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता।
रिकॉर्ड हाई से कितनी टूटी कीमतें?
हाल के रिकॉर्ड उच्च स्तर से तुलना करें तो—
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चांदी लगभग 45% तक टूट चुकी है
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सोना करीब 18% नीचे आ चुका है
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों, डॉलर इंडेक्स और तकनीकी स्तरों पर करीबी नजर रखें।







