नमो भारत कॉरिडोर का हाल ही में उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया। डॉ. पी. के. मिश्र ने तरुण कपूर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस परियोजना का दौरा किया। इस दौरान श्रीनिवास कटिकिथाला भी मौजूद रहे।
सराय काले खां स्टेशन से हुई शुरुआत
निरीक्षण की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई, जहां शलभ गोयल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट प्रणाली है, जो आधुनिक तकनीक पर आधारित है।
82 किलोमीटर लंबा आधुनिक कॉरिडोर
यह कॉरिडोर दिल्ली, गाज़ियाबाद और मेरठ को जोड़ता है। 82 किलोमीटर लंबी यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ यात्रा समय को भी काफी कम कर रही है।
प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या का समाधान
प्रस्तुति के दौरान बताया गया कि यह परियोजना ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या को कम करने में मदद कर रही है। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है और निजी वाहनों पर निर्भरता घट रही है।
मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब की सराहना
प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां स्टेशन के एकीकृत ढांचे का अवलोकन किया। यह स्टेशन मेट्रो, रेलवे और बस सेवाओं के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है। डॉ. मिश्र ने इसे भविष्य के शहरी परिवहन का आदर्श मॉडल बताया।
ट्रेन यात्रा का लिया अनुभव
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने नमो भारत ट्रेन से सराय काले खां से दुहाई डिपो तक यात्रा की। यात्रा के दौरान आधुनिक सुविधाएं, आरामदायक सीटिंग और दिव्यांगजन के लिए विशेष व्यवस्था को सराहा गया।
‘अपरिमित’ इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन
दुहाई डिपो में डॉ. मिश्र ने ‘अपरिमित’ सेंटर फॉर इनोवेशन का उद्घाटन किया। यह केंद्र VR, AR और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ट्रेन संचालन और प्रशिक्षण को बेहतर बनाएगा।
रखरखाव सुविधाओं का निरीक्षण
प्रतिनिधिमंडल ने डिपो वर्कशॉप और निरीक्षण लाइनों का भी दौरा किया, जहां ट्रेनों का रखरखाव और परीक्षण किया जाता है। इस दौरान नमो भारत परियोजना पर आधारित एक डॉक्युमेंटेशन बुक का भी विमोचन किया गया।
प्रधानमंत्री द्वारा हो चुका है उद्घाटन
इस परियोजना को नरेंद्र मोदी द्वारा 22 फरवरी 2026 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। इसे देश के आधुनिक परिवहन ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
निष्कर्ष
नमो भारत कॉरिडोर केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि शहरी विकास और सतत भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।








