छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले नन्हे स्केटर्स नंदिनी और युग ने गाजियाबाद से अयोध्या तक की स्केटिंग यात्रा कर इतिहास रच दिया है। इस अनोखी उपलब्धि को इंफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जिससे जिले और परिवार का नाम रोशन हुआ है।
सैकड़ों किलोमीटर की दूरी स्केट्स पर तय कर बनाया कीर्तिमान
नंदिनी और युग ने सैकड़ों किलोमीटर की दूरी स्केट्स पर तय कर न केवल अपनी सहनशक्ति और लगन का परिचय दिया, बल्कि खेल जगत में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। उनकी इस यात्रा ने सभी को प्रेरित किया है।
अयोध्या में विशेष सम्मान समारोह आयोजित
अयोध्या में आयोजित एक कथा कार्यक्रम स्थल पर दोनों नन्हे बाल स्केटर्स को इंफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बच्चों की उपलब्धि की सराहना की।
गाजियाबाद लौटने पर जिलाधिकारी ने किया भव्य स्वागत
गाजियाबाद वापस लौटने पर जिलाधिकारी श्री रविंद्र मांदड़ ने नंदिनी और युग का भव्य स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मेडल पहनाकर और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
प्रशासन ने की बच्चों की हौसला अफजाई
इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों और परिवारजनों ने बच्चों की जमकर हौसला अफजाई की। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व की बात है।
‘खेलो इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं ऐसे खिलाड़ी: डीएम
जिलाधिकारी श्री रविंद्र मांदड़ ने कहा,
“ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी ‘खेलो इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिला प्रशासन खेल प्रतिभाओं को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा, ताकि उभरते खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले व देश का नाम रोशन कर सकें।”
पिता मोहित गुर्जर ने जताया गर्व
बच्चों के पिता मोहित गुर्जर ने कहा कि नंदिनी और युग की मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है। यह यात्रा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि यह भगवान राम की नगरी अयोध्या तक पहुंची।
युवा पीढ़ी के लिए बने प्रेरणा स्रोत
नंदिनी और युग जैसे नन्हे खिलाड़ी आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि उम्र कोई बाधा नहीं होती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो।
खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय पहल
गाजियाबाद जिला प्रशासन की यह पहल खेलों को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय कदम मानी जा रही है। इससे अन्य बच्चों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।










