Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

815771
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

नौकरी नहीं तो फीस रिफंड: राघव चड्ढा ने उठाया बड़ा सवाल

BPC News National Desk
3 Min Read

नई दिल्ली में Raghav Chadha ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं की फीस को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी नौकरियों में पद सीमित होते हैं और लाखों अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, तो असफल उम्मीदवारों की फीस रिफंड करने पर सरकार विचार क्यों नहीं करती।

यह बयान युवाओं के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और “नौकरी नहीं तो फीस रिफंड” का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुका है।

सरकारी भर्ती प्रक्रिया की वास्तविकता

भारत में हर साल UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और राज्य लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं में करोड़ों अभ्यर्थी भाग लेते हैं।

  • कई परीक्षाओं में 10–20 लाख आवेदन आते हैं

  • चयनित उम्मीदवारों की संख्या हजारों में होती है

  • परीक्षा फीस 100 से 1000 रुपये तक होती है

इससे भर्ती एजेंसियों के पास बड़ी राशि जमा होती है, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं।

राघव चड्ढा की मुख्य दलील

चड्ढा का कहना है कि अगर नौकरी सिर्फ कुछ लोगों को मिलती है, तो बाकी उम्मीदवारों से ली गई फीस का उपयोग कैसे होता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि:

  • क्या सरकार परीक्षा फीस से खर्च चला रही है?

  • पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने पर पूरी फीस रिफंड क्यों नहीं होती?

उनका कहना है कि यह व्यवस्था युवाओं के लिए आर्थिक बोझ बन रही है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #NoJobNoFeeRefund ट्रेंड करने लगा।

समर्थन में तर्क

  • युवाओं का आर्थिक बोझ कम होगा

  • परीक्षा प्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी

  • बेरोजगारों को राहत मिलेगी

विरोध में तर्क

  • परीक्षा आयोजन में भारी खर्च होता है

  • फीस रिफंड से भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है

क्या फीस रिफंड संभव है?

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मामलों में परीक्षा रद्द होने पर फीस वापस की गई है, लेकिन सामान्य भर्ती प्रक्रिया में यह लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा।

फिर भी, यह मांग बेरोजगारी और भर्ती प्रणाली की खामियों को उजागर करती है।

युवाओं की राजनीति में नया मुद्दा

यह मुद्दा युवाओं के रोजगार, शिक्षा और आर्थिक दबाव से जुड़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि सरकार इस पर नीति बनाती है, तो यह लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत का बड़ा कदम हो सकता है।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *