गाजियाबाद नगर निगम द्वारा सीवरेज के पानी को शोधित कर औद्योगिक उपयोग हेतु तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम ने सराहा है। इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी टीएसटीपी (TSTP) प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ए.ए. काजमी एवं उनकी एक्सपर्ट टीम ने मौके पर चल रही संपूर्ण ट्रीटमेंट प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया।
सीवरेज जल का पुनः उपयोग, भूगर्भ जल संरक्षण की दिशा में पहल
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा सीवरेज के पानी का ट्रीटमेंट कर साहिबाबाद औद्योगिक इकाइयों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से सीवरेज जल को पुनः उपयोग योग्य बनाकर औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भूगर्भ जल की बचत भी सुनिश्चित हो रही है।
टीएसटीपी प्लांट की तकनीकी प्रक्रिया का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ टीम को बताया गया कि 40 एमएलडी टीएसटीपी प्लांट में पहले डी-कैंटर के माध्यम से पानी का टीएसएस (Total Suspended Solids) कम किया जाता है। इसके बाद अल्ट्रा फिल्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होती है, जहां फिल्टरों के माध्यम से पानी को शुद्ध किया जाता है।
अंतिम चरण में आरओ (Reverse Osmosis) तकनीक का उपयोग कर पानी को औद्योगिक इकाइयों के लिए पूरी तरह उपयोगी बनाया जाता है। शोधित पानी की गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से लैब में परीक्षण के माध्यम से की जाती है।
आईआईटी रुड़की की टीम ने की नगर निगम की प्रशंसा
पूरी प्रक्रिया को देखने के बाद आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ए.ए. काजमी ने गाजियाबाद नगर निगम की टीम की प्रशंसा की और कहा कि सीवरेज जल को इस स्तर तक शोधित कर उपयोगी बनाना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने मौके पर कार्य कर रही तकनीकी टीम का उत्साहवर्धन करते हुए शुभकामनाएं दीं और इस प्लांट को उत्तर प्रदेश का नोडल प्लांट बनाए जाने की कामना भी की।
अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान गाजियाबाद नगर निगम जलकल विभाग, जल निगम के अधिकारी तथा प्लांट संचालन से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर वी.ए. टेक वाबैग के प्रोजेक्ट हेड अनुज त्रिपाठी द्वारा प्लांट की कार्यप्रणाली और तकनीकी जानकारी साझा की गई।
नगर आयुक्त के नेतृत्व में सफल संचालन
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम जलकल विभाग द्वारा सीवरेज के पानी को ट्रीटमेंट कर औद्योगिक इकाइयों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है।
महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद तथा प्लांट का संचालन कर रही कार्यदाई संस्था वी.ए. टेक वाबैग के सीबीओ डॉ. कार्तिकेन की मॉनिटरिंग में टीएसटीपी प्लांट का संचालन कुशलतापूर्वक किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम अरुण प्रताप भी मौके पर उपस्थित रहे।
यह परियोजना शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन, औद्योगिक जल आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम की एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल के रूप में देखी जा रही है।








