लखनऊ की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सामने आए अवैध धर्मांतरण और उत्पीड़न के गंभीर मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर रमीज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को लखनऊ शहर से ही हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय की एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर की शिकायत और आंतरिक जांच रिपोर्ट के बाद की गई।
महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने लगाए थे गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में डॉ. रमीज पर
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अवैध धर्मांतरण की कोशिश,
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मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न,
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झूठ, फरेब और दबाव
जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
शिकायत सामने आने के बाद KGMU प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक विशाखा कमेटी से जांच कराई।
विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में हुई पुष्टि
कमेटी की जांच रिपोर्ट में उत्पीड़न की पुष्टि के साथ-साथ जबरन धर्मांतरण की कोशिश के ठोस सबूत मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में आरोपी द्वारा बार-बार झूठ बोलने और भावनात्मक दबाव बनाने के तथ्य भी दर्ज हैं।
इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की।
लंबे समय से फरार था आरोपी, लखनऊ से दबोचा गया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर रमीज लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी और अपने सूचना तंत्र को सक्रिय किया। आखिरकार उसे लखनऊ से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
IPC और धर्मांतरण कानून के तहत केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ
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भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं,
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और धर्मांतरण से जुड़े कानूनों
के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
KGMU प्रशासन ने जताई सख्ती, पीड़िता को समर्थन
KGMU प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि संस्थान में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने कहा,
“ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीड़िता को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।”
महिला सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
यह मामला एक बार फिर मेडिकल संस्थानों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के गंभीर मुद्दे को सामने ला रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
जांच जारी, रिपोर्ट सार्वजनिक होगी
मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।








