गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सार्वजनिक हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण का मामला एक बार फिर गरमाया है। सोमवार को लोहिया नगर फ्लाईओवर के नीचे स्थित ग्रीन बेल्ट पर बनी एक अस्थायी मजार के बाहर चल रही दुकान को देखकर मेयर सुनीता दयाल का गुस्सा फूट पड़ा।
मेयर ने मौके पर मौजूद मां-बेटे को तुरंत स्थान खाली करने की सख्त चेतावनी दी और कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर जगह खाली नहीं की गई, तो नगर निगम की टीम बलपूर्वक कार्रवाई करेगी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मेयर का रौद्र रूप स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
जांच और घटनाक्रम
मेयर सुनीता दयाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की। उन्होंने बताया कि नगर निगम को शिकायत मिली थी कि लोहिया नगर फ्लाईओवर के नीचे की हरित पट्टी पर एक मजार बनाकर उसके बाहर अगरबत्ती, चादर, दानपात्र आदि बेचकर अवैध दुकान चलाई जा रही है।
जांच में यह सामने आया कि वृद्ध महिला और उसके बेटे ने यहाँ न केवल दुकान लगाई है, बल्कि रहने की स्थायी व्यवस्था भी कर ली है। इससे अस्थायी कब्जा स्थायी रूप ले चुका था।
वीडियो में मेयर को गुस्से में कहते सुना जा सकता है:
“यह आपकी पैतृक जमीन है क्या? पहले भी चेतावनी दी थी… दुकान चलाना बंद करो, यहां से हट जाओ।”
मेयर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि एक सप्ताह में स्वेच्छा से जगह खाली नहीं की गई, तो नगर निगम नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटाएगा।
मेयर की सख्त नीति और कार्रवाई
यह घटना गाजियाबाद में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ते अतिक्रमणों के खिलाफ मेयर की सख्त नीति को दर्शाती है। हाल के महीनों में मेयर सुनीता दयाल ने कई स्थानों पर ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिससे शहर की हरियाली और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिल रही है।
हालांकि, इस घटना पर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं—कुछ लोग मेयर की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए बहस छेड़ रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने दोहराया कि शहर की हरित पट्टियां सार्वजनिक संपत्ति हैं और किसी भी प्रकार का धार्मिक या व्यावसायिक अतिक्रमण अस्वीकार्य है।
फिलहाल, वीडियो वायरल होने से मामला और चर्चा में आ गया है, और लोगों की नजर इस पर टिकी है कि क्या एक सप्ताह में अतिक्रमण हट पाएगा या कार्रवाई की नौबत आएगी।








