नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि क्षेत्र में होने वाली कोई भी बड़ी घटना भारत को सीधे प्रभावित करेगी।
उन्होंने बताया कि भारत अपनी लगभग 90% एलपीजी (LPG) और 47% एलएनजी (LNG) की जरूरत कतर से पूरी करता है, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति भारत के लिए बेहद संवेदनशील बन जाती है।
सप्लाई पर दबाव, लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में
सुजाता शर्मा ने कहा कि युद्ध का असर जरूर पड़ रहा है, लेकिन फिलहाल देश में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई संतुलित बनी हुई है।
-
कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की उपलब्धता सामान्य है
-
रिफाइनरियां बिना बाधा के चल रही हैं
-
सप्लाई चेन में कोई बड़ी समस्या नहीं है
हालांकि, एलपीजी को लेकर चिंता बनी हुई है और मांग का दबाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है।
LPG पर दबाव, PNG अपनाने की अपील
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जहां संभव हो, एलपीजी के बजाय पीएनजी (PNG) का उपयोग करें।
-
पैनिक बुकिंग में थोड़ी कमी आई है
-
करीब 1.25 लाख नए PNG कनेक्शन जारी किए गए
-
कंपनियां PNG अपनाने पर इंसेंटिव दे रही हैं
इस कदम से एलपीजी पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
वैकल्पिक देशों से बढ़ाई जा रही खरीद
मंत्रालय के अनुसार, भारत अब ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अन्य देशों से भी खरीद बढ़ा रहा है, जैसे:
-
अमेरिका
-
ऑस्ट्रेलिया
-
रूस
इसके अलावा, दो एलएनजी कार्गो पहले ही भारत के लिए रवाना हो चुके हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर, सरकार सतर्क
मिडिल ईस्ट से आने वाली सप्लाई का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। यहां तनाव बढ़ने से सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने:
-
ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी पर सख्ती बढ़ाई
-
रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए
-
घरेलू LPG उत्पादन में करीब 30% की बढ़ोतरी की
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
सरकार ने आम लोगों से अपील की है:
-
पैनिक बुकिंग से बचें
-
जरूरत के अनुसार ही LPG का उपयोग करें
-
जहां संभव हो PNG अपनाएं
इससे सप्लाई संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।







