गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा आयोजित “संभव” जनसुनवाई कार्यक्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 23 संदर्भ (शिकायतें/मामले) प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश मामले निर्माण और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित रहे। नगर आयुक्त ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि समाधान से पहले स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
निर्माण और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सबसे अधिक मामले
संभव जनसुनवाई के दौरान प्राप्त 23 संदर्भों का विभागवार विवरण इस प्रकार है:
- निर्माण विभाग – 8 संदर्भ
- स्वास्थ्य विभाग – 5 संदर्भ
- उद्यान विभाग – 3 संदर्भ
- पार्किंग विभाग – 3 संदर्भ
- पशु चिकित्सा विभाग – 2 संदर्भ
- अतिक्रमण विभाग – 1 संदर्भ
- नजारत विभाग – 1 संदर्भ
नगर आयुक्त ने कहा कि इन सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए और शिकायतकर्ता को समयबद्ध समाधान की जानकारी भी दी जाए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: मौके पर जाकर करें समाधान
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतें केवल फाइलों तक सीमित न रहें।
उन्होंने निर्देश दिए—
“संभव में प्राप्त होने वाली समस्याओं का समाधान तभी प्रभावी होगा, जब अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पार्षदों और सामाजिक संस्थाओं ने भी रखी बात
संभव जनसुनवाई के दौरान माननीय पार्षदों ने भी नगर आयुक्त के समक्ष शहर के विकास कार्यों, सड़क, सफाई, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।
इसके साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शहर में चल रहे सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यों पर चर्चा की। इस अवसर पर सुनील वैद सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
संभव जनसुनवाई में नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव
- अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार
- प्रभारी संपत्ति अधिकारी पल्लवी सिंह
- मुख्य अभियंता (निर्माण) नरेंद्र कुमार चौधरी
- नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश
शामिल रहे।








