बढ़ती ठंड और शीत लहर को देखते हुए गाजियाबाद नगर निगम अलर्ट मोड में आ गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशानुसार शहर के स्थायी और अस्थायी रैन बसेरों में निराश्रितों के लिए गैस हीटर लगाए गए हैं, जिससे ठंड से बचाव में उन्हें बड़ी राहत मिली है।
नगर आयुक्त के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश के क्रम में सभी आश्रय स्थलों में पहले से मौजूद इलेक्ट्रिक हीटर के साथ-साथ अब एलपीजी आधारित गैस हीटर भी लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि शीत लहर के दौरान किसी भी निराश्रित को ठंड से कोई परेशानी न हो।
गैस हीटर से मिलेगा सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त तापमान
प्रभारी नजारत डॉ. अनुज ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम द्वारा लगाए गए गैस हीटर एलपीजी गैस से संचालित हैं, जिससे आश्रय स्थलों में पर्याप्त गर्मी बनी रहती है और किसी प्रकार का प्रदूषण भी नहीं होता। ये हीटर विशेष रूप से रैन बसेरों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।

बिस्तरों की संख्या और मूलभूत सुविधाओं में भी बढ़ोतरी
नगर निगम द्वारा न केवल हीटर लगाए गए हैं, बल्कि रैन बसेरों में बिस्तरों की संख्या, तख्त की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की गई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक निराश्रितों को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराना है।
25 से अधिक गैस हीटर लगाए गए आश्रय स्थलों में
नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में शहर के विभिन्न आश्रय स्थलों में 25 से अधिक गैस हीटर लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही जोनल प्रभारी और नगर निगम की टीमें प्रतिदिन सभी रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं।
निराश्रितों ने की नगर निगम की पहल की सराहना
गैस हीटर लगाए जाने से आश्रय लेने वाले निराश्रितों ने नगर निगम की इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि पहले ठंड में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब रैन बसेरों में पर्याप्त गर्मी मिलने से रात गुजारना आसान हो गया है।
गाजियाबाद नगर निगम की यह पहल न केवल शीत लहर से राहत देने वाली है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासन निराश्रितों की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।








