उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का शुभारंभ आज विधान भवन में पूर्ण गरिमा और उत्साह के साथ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर सदन में सभी सदस्यों की उपस्थिति रही और राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन की कार्यवाही में सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं का विस्तृत उल्लेख
राज्यपाल के अभिभाषण में उत्तर प्रदेश सरकार की विगत वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी नीतियों और विकासोन्मुखी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
अभिभाषण में यह भी रेखांकित किया गया कि उत्तर प्रदेश अब न केवल देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में भी नई पहचान बना रहा है।
सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर विशेष जोर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, किसान कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषयों पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास को गति दी है, जिससे आमजन के जीवन स्तर में सुधार आया है।
प्रमुख योजनाओं और आर्थिक लक्ष्य का उल्लेख
अभिभाषण में कई प्रमुख योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिनमें—
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एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना
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प्रधानमंत्री आवास योजना
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
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आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
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मिशन शक्ति
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
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ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल की उपलब्धता
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औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन
राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सदन में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, सभी प्रमुख मंत्रीगण, विपक्ष के नेता और सदस्यों ने राज्यपाल के अभिभाषण को ध्यानपूर्वक सुना।
अभिभाषण के समापन पर सदन में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी और सरकार की नीतियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया।
आगामी बजट पर टिकी निगाहें
यह बजट सत्र प्रदेश के आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में वित्त मंत्री द्वारा बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद विभिन्न विभागों के खर्चों और नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
राज्यपाल के अभिभाषण से यह स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विकास, कल्याण और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।









